महाप्रबंधक से वार्ता के बाद चक्का जाम आंदोलन टला
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के जारंगडीह कोलियरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी में सत प्रतिशत स्थानीय बेरोजगारों को नियोजन देने की मांग को लेकर 11 मार्च को आजसू कार्यकर्ताओं ने जारंगडीह कोलियरी का चक्का जाम कर दिया। नेतृत्व आजसू केंद्रीय सचिव संतोष महतो कर रहे थे।
बताया जाता है कि चक्का जाम आंदोलन के क्रम में जारंगडीह कोलियरी प्रबंधक कार्यालय कक्ष में वार्ता की गई। वार्ता में आजसू नेता संतोष महतो ने सवाल उठाया कि बीते माह महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल के दौरान स्थानीय बेरोजगारों को आउटसोर्सिंग में काम देने के सवाल पर सहमति बनी थी। जिसमें 15 ट्रेंड युवकों के नियोजन की सूची प्रबंधन को सौंपी गई थी। बावजूद इसके आउटसोर्सिंग कंपनी में अब तक किसी भी स्थानीय बेरोजगारों को नियोजन न देकर बाहरी मजदूरों से काम ली जा रही है।

इसी को लेकर उक्त चक्का जाम आंदोलन किया जा रहा है। कहा कि प्रबंधन जब तक आउटसोर्सिंग कंपनी में स्थानीय बेरोजगारों को नियोजन नहीं देती है, तब तक चक्का जाम आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रबंधन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। वार्ता में यहां जारंगडीह पीओ तथा मैनेजर शामिल थे।
बताया जाता है कि इसे लेकर महाप्रबंधक के बुलावे पर आजसू नेता आंदोलन में शामिल तमाम युवा के साथ महाप्रबंधक कार्यालय में वार्ता की। वार्ता के क्रम में महाप्रबंधक संजय कुमार द्वारा कहा गया कि आउटसोर्सिंग कंपनी एनईपीएल कंपनी द्वारा जारंगडीह में कार्य बंद कर दिया गया है। जबकि कृष्णा आउटसोर्सिंग कंपनी का कार्य संतोषप्रद नहीं है। उन्होंने कहा कि मार्च के अंत तक नई कंपनी आने की संभावना है। उक्त कंपनी में सौंपे गए सूची के अनुसार ट्रायल लेकर योग्य व्यक्ति को काम पर रखा जाएगा।

वार्ता में प्रबंधन की ओर से कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार, जारंगडीह के परियोजना पदाधिकारी प्रवीर सेनगुप्ता, कोलियरी मैनेजर सुनील कुमार यादव, स्थानीय बेरोजगारों का प्रतिनिधित्व कर रहे आजसू नेता संतोष महतो, आजसू बेरमो प्रखंड अध्यक्ष कृष्णा महतो, मित्तल महतो, राहुल महतो, हीरावण महतो, मुकेश सिंह, कृष्णा नायक आदि शामिल थे।
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