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नियोजन की मांग को ले पुनः एसडीओ कार्यालय पहुंचे स्वांग के अवार्डी मजदूर

नहीं हो सकी आपस में बातचित न हीं प्रबंधन से हुई कोई वार्ता

प्रहरी संवाददाता/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी के अवार्डी मजदूर एक बार फिर 10 मार्च को बेरमो एसडीओ के पास अपनी नौकरी की फरियाद को लेकर पहुंचे। अवार्डी मजदूरों की बार-बार फरियाद को देखते हुए एसडीओ मुकेश मछुवा ने सीसीएल प्रबंधन को नियोजन को लेकर सख्त निर्देश दिया।

बताया जाता है कि अवॉर्डी मजदूरों की लड़ाई दो गुटों में बंट जाने के कारण भी नियोजन में बाधा उत्पन्न हो सकता है।
एक गुट का नेतृत्व मजदूर नेता मुमताज आलम कर रहे है, जबकि दूसरा गुट का प्रतिनिधित्व मजदूर स्वयं कर रहे है, जिसमें अमित चौहान मजदूरों को सहयोग कर रहे है।

बताया जाता है कि दोनों गुट के मजदूर 10 मार्च को बेरमो अनुमंडल कार्यालय तेनुघाट पहुंचे। एक गुट का प्रतिनिधित्व कर रहे झामुमो नेता मुमताज आलम तथा अवार्डी मजदूर डिवीजन सिंह आदि ने अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा की अगुवाई में स्वांग वाशरी पीओ वैकुंठ मोहन बाबू तथा प्रबंधक मानव संसाधन सविराज सिंह के साथ वार्ता कर नियोजन को लेकर अपना पक्ष रखा। वहीं दूसरे गुट एसडीओ से वार्ता के लिए पीओ को घेरकर वार्ता के लिए दबाब बनाने पर अड़ी रही।

बताया जाता है कि झामुमो नेता मुमताज आलम के नेतृत्व में एसडीओ से संपन्न वार्ता में सीसीएल प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिया गया था कि मजदूरों की पहचान को लेकर पैनल अधिवक्ता से विधिक सलाह ली जाएगी, तत्पश्चात सुलझाए गए प्रक्रिया के अनुरूप प्रबंधन नियोजन हेतु आवश्यक कार्रवाई करेगी। जबकि 182 अवॉर्डी मजदूर की पहचान के लिए बीते वर्ष 7 अक्टूबर तक दावेदार मजदूर प्रबंधन को आवेदन प्रस्तुत करेंगे। बताया गया कि सीसीएल प्रबंधन के निर्देशानुसार अब तक बीस मजदूरों ने अपने पहचान संबंधित कागजात सीसीएल कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय में जमा करा दिया है।

इस बावत झामुमो नेता आलम ने बताया कि यदि इस बार प्रबंधन द्वारा अवॉर्डी मजदूरों को छलने का काम किया जाएगा तो अगला आंदोलन विस्फोटक होगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सीसीएल कथारा क्षेत्रीय प्रबंधन की होगी। दूसरी ओर दूसरे गुट का नेतृत्व कर रहे अमित चौहान के अनुसार स्वांग वाशरी के स्लरी मजदूर को गलत तरीके से सीसीएल प्रबंधन द्वारा काम से हटा दिया गया है। बेरमो विधायक इस मामले में सहयोग कर रहे है। कहा कि अगर स्लरी मजदूरों को न्याय नहीं मिला तो स्लरी मजदूर महाप्रबंधक कार्यालय पर आंदोलन कर क्षेत्र का चक्का जाम करने का काम करेंगे।

बताया जाता है कि स्वांग वाशरी के कुल 324 मजदूरों के नियुक्ति से जुड़ा मामला है। जिनमें 142 मजदूरों को स्वांग कोलियरी में नौकरी पर रखा गया था। उन्होंने 6 साल 9 महीने काम किया और फिर वर्ष 2017 में प्रबंधन द्वारा फर्जी बताकर उन्हें निकाल दिया गया। मजदूरों ने संघर्ष किया और कोर्ट से 44 मजदूरों के लिए डिग्री हासिल की। हाई कोर्ट का आदेश था कि पहले इन 44 मजदूरों को नौकरी पर वापस लिया जाए और फिर जांच की जाए।

लेकिन अधिकारियों ने पहले जांच की और कोई जवाब नहीं दिया। दूसरे गुट की मांग है कि 44 मजदूरों को पहले नौकरी पर वापस लिया जाए। सभी 324 मजदूरों को उनका हक दिया जाए। साथ हीं मजदूरों की पहचान के लिए समिति का गठन किया जाए। ज्ञात हो कि स्वांग वाशरी में फर्जी बहाली मामले में सज्ञान लेते हुए न्यायालय द्वारा मजदूरों के पहचानकर्ता सुरेश शर्मा को पुर्व में सजा मुकरर कर चुकी है।

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