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यूजीसी विनियम जातिगत भेदभाव खत्म करने की दिशा में अहम कदम-रामाकान्त राम

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। यूजीसी द्वारा बीते माह 13 जनवरी को लागू किए गए नए विनियम पर सर्वोच्च न्यायालय की अंतरिम रोक के विरोध में संयुक्त अनुसूचित जाति–अनुसूचित जनजाति फोरम (साजफ) ने 15 फरवरी को केंद्रीय अध्यक्ष रामाकान्त राम के नेतृत्व में बोकारो के अंबेडकर प्रतिमा स्थल से नया मोड़ तक स्वाभिमान रैली निकाली।

इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष राम ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बढ़ते जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और शिकायतों की अनदेखी को रोकने के लिए यह विनियम जरूरी है। कहा कि नए नियमों के तहत 24×7 हेल्पलाइन, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और तय समय सीमा में कार्रवाई अनिवार्य की गई है। साथ ही नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर अनुदान रोकने और मान्यता निलंबित करने की व्यवस्था है।

रैली को अशोक रजवार, डॉ इंद्रदेव पासवान, राजकुमार राम, ललन आनंदकर, बाली रजवार, देवानंद राम व् बोकारो जिलाध्यक्ष दिनेश बेसरा ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यह विनियम सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। साजफ ने केंद्र सरकार से यूजीसी विनियम को वर्तमान प्रारूप में लागू करने की मांग की।

इस दौरान मुख्य रूप से राजेंद्र यादव, संजय कुमार, अजय मिर्धा, बुद्धू बाउरी, रतन लाल, अशोक राम, बैजनाथ कुमार, संजीव कुमार, नरेश सोरेन, जितेंद्र, राकेश कुमार, बबलु राम, रमेश बाउरी, अनिल पासवान, राजन कालिंदी, सरजू प्रसाद, अशोक महतो, आर डी प्रसाद, कृष्णा कालिंदी, गोपाल राम, सच्चु रजवार, बिरेन्द्र राम, इसराफिल अंसारी, रंजीत पासवान, अजय कुमार, बिरेन्द्र पासवान, धनंजय बाउरी, मनिकराम मुण्डा, अंबिका राम, अफरोज राणा, हरीशंकर राम, प्रेमशंकर पासवान, नागेंद्र राम, अर्जुन राम समेत कई कार्यकर्ता व् समर्थक उपस्थित थे।

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