प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में गुवा थाना क्षेत्र के पोरस हाटिंग में बच्चों की अनोखी भक्ति देखने को मिली।
बताया जाता है कि महज आठ वर्ष के बच्चों ने खेल-खेल में भगवान शंकर की सुंदर प्रतिमा बनाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से मिट्टी और उपलब्ध सामग्री से प्रतिमा तैयार की और पूरे श्रद्धा भाव के साथ उसकी पूजा-अर्चना भी की।
स्थानीय बच्चों की इस अद्भुत कलाकारी ने मोहल्ले के रहिवासियों का दिल जीत लिया। जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली तो वे प्रतिमा देखने के लिए उक्त स्थल पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते बच्चों की बनाई प्रतिमा को देखने के लिए महाशिवरात्रि पर भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय रहिवासियों ने बच्चों की प्रतिभा, लगन और धार्मिक आस्था की सराहना की। कई श्रद्धालू नन्हें बच्चों के अद्भुत कला को देखकर भावुक हो उठे और बच्चों को प्रोत्साहित किया।
महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर नन्हें बच्चों द्वारा दिखाई गई यह रचनात्मकता और भक्ति भावना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। बच्चों ने यह साबित कर दिया कि सच्ची श्रद्धा के लिए उम्र मायने नहीं रखती, बल्कि मन में आस्था और समर्पण होना जरूरी है।
इस अवसर पर महिला समिति गुवा की अध्यक्षा शालू कुमार ने बताया कि शक्तियों में से एक से संबंधित है और सामूहिक रूप से पंचशिव कहलाते हैं: अनाश्रित, अनाथ, अनंत, व्योमरूप और व्यापक है। सच्चाई यह है कि शिव की भक्ति में ही शक्ति है एवं मानव का उद्धार छुपा है।
मौके पर समाजसेवी सह इंटक प्रतिनिधि विनोद कुमार सिंह द्वारा भगवान शंकर की मूर्ति को सुसज्जित कर योग नगर से गुवा बाजार शिव मंदिर बाजे -गाजे के साथ भेजने में अग्रणी भूमिका निभाई गई। समाजसेवी सह भगवान शंकर के भक्त विनोद कुमार सिंह एवं पिंटू सिह द्वारा गुवा योग मंदिर में खीर प्रसाद रूपी वितरण कर रहिवासी श्रद्धालुओं को एकता के सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया गया।
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