महिलाओं ने गाए मांगलिक गीत, शिव बारात और शुभ विवाह आज
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। महाशिवरात्रि के पूर्व संध्या पर फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 14 फरवरी को सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में भोलेनाथ को उबटन लगाकर वैवाहिक अनुष्ठान के तहत हल्दी की रस्म संपन्न की गयी। महिलाओं ने सुमधुर मांगलिक गीत गाए। हल्दी रस्म के बाद बाबा हरिहरनाथ को पचास किलो सुगंधित पुष्प माला से सजाया – संवारा गया।
इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा आरती अर्चन – पूजन -वन्दन किया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मंदिर परिसर को गुंजायमान कर दिया। शिव और पार्वती विवाह के स्मरणोत्सव के रूप में शिव के तांडव नृत्य की उपासना एवं शक्ति के रूप में शिवलिंग की अभिव्यक्ति के इस महापर्व के दौरान भक्तों में विशेष उल्लास देखा गया।
बताया जाता है कि सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। भजन- कीर्तन के बीच भक्तों ने भगवान शिव का हल्दी व भस्म अभिषेक किया। विशेष रूप से महिलाओं ने हल्दी चढ़ाकर मंगलकामनाएं की और भक्ति भाव से गीत गाए। इस अनूठी परंपरा में शामिल होकर श्रद्धालु भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। सायंकालीन श्रृंगार का दिव्य दर्शन पाकर मंदिर परिसर और उपस्थित भक्तजन आनंदमय हो गए।
बाबा हरिहरनाथ के विशेष आरती -पूजन पश्चात बाबा हरिहरनाथ मंदिर न्यास समिति और यजमानों के सहयोग से महाप्रसाद का महाभण्डारा आयोजित किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धावान सम्मिलित होकर महाप्रसाद ग्रहण किए। इसके बाद महाशिवरात्रि के दिन पूरे विधि-विधान से शिव बारात निकाली जाएगी। नगर में जगह-जगह बारात का स्वागत किया जाएगा और इसके बाद मंदिर परिसर में भगवान शिव और माता पार्वती का भव्य विवाह संपन्न होगा।

हरिहरनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार इस पारंपरिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। कहा गया कि भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वे भगवान शिव-पार्वती के पावन विवाह महोत्सव का आनंद उठा सके। बताया जाता है कि महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान हरिहरनाथ के मंगला आरती पश्चात मुख्य यजमान अनिल सिंह द्वारा 15 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त तीन बजे लगभग सवा क्विंटल दूध से बाबा हरिहरनाथ का महाभिषेक होगा।
भगवान हरिहरनाथ के मंगलाचरण और पूजनादि पश्चात श्रद्धावानों के दर्शनार्थ मंदिर का कपाट खोल दिए जायेंगे। हरिहरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर आयोजित यह विवाह उत्सव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। शिव-पार्वती विवाह की रस्में प्रतीकात्मक रूप से समाज में प्रेम, समर्पण और सात्विक जीवन के संदेश को दर्शाती हैं। इस विवाह उत्सव में भाग लेने से परिवार में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। हरिहरक्षेत्र में हरिहरनाथ मंदिर का यह अनूठा आयोजन श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और आनंद का संगम बन गया है।
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