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मास्टर ट्रेनर बनकर अपने आसपास के रहिवासियों को भी करें जागरूक-उपायुक्त

प्रशिक्षण सत्र में डेमो के साथ प्रशिक्षुओं को अच्छी तरह किया गया प्रशिक्षित-डीडीसी

आकाश अस्पताल चास में सिविल डिफेंस का छह दिवसीय प्रशिक्षण सत्र संपन्न

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में चास स्थित आकाश अस्पताल के सभागार में आयोजित सिविल डिफेंस का छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र 14 फरवरी को समापन हो गया।

समापन समारोह में बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा एवं उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार शामिल हुए। इस अवसर पर नव-प्रशिक्षित वोलेंटियर्स ने विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन कर अपनी दक्षता का परिचय दिया।

इस अवसर पर जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक केवल प्रशिक्षण प्राप्त नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षु वोलेंटियर मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाते हुए अपने आसपास के रहिवासियों को प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया के प्रति जागरूक करें।

उन्होंने सुझाव दिया कि स्नेक बाइट, सड़क दुर्घटना, सीपीआर, फ्रैक्चर या आग लगने जैसी घटनाओं के बाद किए जाने वाले प्राथमिक उपचार की छोटी-छोटी वीडियो/रिल तैयार कर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें, ताकि आमजन तक सही और त्वरित जानकारी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस से जुड़ना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त माध्यम है। इस पुनीत कार्य को चुनने के लिए सभी स्वयंसेवक साधुवाद के पात्र हैं। उन्हें अपने कार्य पर गर्व होना चाहिए।

उपायुक्त झा ने कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य संकट की घड़ी में आमजनों की जान बचाना है। कहा कि आपदा या दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वयंसेवक बिना विलंब के घटनास्थल पर पहुंचकर समन्वित एवं सुरक्षित तरीके से कार्य करें। उन्होंने टीमवर्क, अनुशासन और त्वरित निर्णय क्षमता को सिविल डिफेंस की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित वोलेंटियर्स प्रशासन और आम जनता के बीच एक मजबूत कड़ी का कार्य करते हैं।

मौके पर डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने कहा कि छह दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यापक व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा स्नेक बाइट प्रबंधन, सीपीआर, रोड एक्सीडेंट रेस्क्यू, इमरजेंसी स्ट्रेचर उपयोग, फ्रैक्चर एवं बर्न प्रबंधन के संबंध में बारिकी से बताया गया। कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मॉक ड्रिल और लाइव डेमो के माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव कराया गया, जिससे वे आपातकालीन स्थिति में आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें।

समापन समारोह में डीसी एवं डीडीसी की उपस्थिति में सभी नव-प्रशिक्षित वोलेंटियर्स ने समूहों में विभाजित होकर विभिन्न आपातकालीन परिदृश्यों का प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा गया कि बोकारो जिले में सिविल डिफेंस की यह सशक्त टीम किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन का सहयोग करने के लिए तैयार है। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा भविष्य में नियमित मॉक ड्रिल एवं रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित करने की भी बात कही गई। ज्ञात हो कि यह प्रशिक्षण सत्र जिले में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

मौके पर स्टेट ट्रेनिंग ऑफिसर डॉ एस. पी. वर्मा, डिप्टी डिविजनल वार्डन डॉ निशांत कुमार, प्राथमिक उपचार व्याख्याता डॉ पूजा, डॉ करण, अभियंता रवि, जय प्रकाश सिंह, एम. एम. झा, इंस्पेक्टर मोहम्मद आज़ाद खान, बीएसएल बोकारो के महाप्रबंधक अंजनी कुमार सिन्हा सहित कुल 54 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

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