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टाटा स्टील कर्मी से जबरन इस्तीफा लेने का मामला पहुंचा न्यायालय

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष आगामी 27 जनवरी को मामले की पेशी

टाटा संस चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन समेत शीर्ष प्रबंधन की रहेगी उपस्थिति

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। टाटा स्टील कर्मी नवल किशोर सिंह से कथित रूप से जबरन इस्तीफा लिए जाने का मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में है। इस संबंध में वादी सिंह द्वारा दायर शिकायत वाद की सुनवाई कोर्ट में चल रही है।

सिंह ने अपने आवेदन में कहा है कि बीते 22 जनवरी 2020 को कंपनी के अधिकारियों ने कथित रूप से छल-प्रपंच और दबाव बनाकर उनसे इस्तीफा ले लिया। वादी का आरोप है कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी।
शिकायत के अनुसार, तत्कालीन केएफ मैन्युफैक्चरिंग अधिकारी राजेश कुमार, एचआर जी. मिश्रा और एचआर हेड जेबा अहमद सहित अन्य अधिकारियों ने मिलकर यह षड्यंत्र रचा। सिंह का कहना है कि इस तरह कई कर्मचारियों से भी इस्तीफा लिया गया, जिससे मानसिक प्रताड़ना के चलते कई कर्मचारियों ने अपनी जान तक गंवा दी। वादी ने कोर्ट को बताया कि इस्तीफा दिए जाने के बाद उनके परिवार को गहरा आघात पहुंचा और वे लंबे समय तक डिप्रेशन में रहे।

स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने पर उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, वाइस चेयरमैन नवल टाटा समेत शीर्ष प्रबंधन को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान अधिकारियों ने उन्हें भ्रमित किया और दबाव डालते हुए कहा कि यदि वे इस्तीफा दे देते हैं तो कंपनी द्वारा हायर की गई एक कंसल्टेंट एजेंसी उन्हें दूसरी कंपनी में नौकरी दिलवा देगी। इसी आश्वासन के आधार पर उनसे इस्तीफा लिया गया।

फिलहाल, यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है। बताया जाता है कि 18 जनवरी को कोर्ट में दोनों पक्षों ने अपना पक्ष रखा। टाटा स्टील के तरफ से जमशेदपुर कोर्ट के अधिवक्ता तापस मित्रा व् झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता इन्द्रजीत सिन्हा एवं शिकायतवाद के तरफ से अधिवक्ता संजय कुमार सिंह एवं आर एन उपाध्याय मौजूद थे। यह सुनवाई आगामी 27 जनवरी को होगी। मामला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर कोर्ट में विचाराधीन है।

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