एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में फुसरो नगर परिषद क्षेत्र के कारो बस्ती में 18 जनवरी को दिशोम सोहराय महोत्सव धूम धाम से मनाया गया। यहां नायके बाबा सोहनलाल मांझी व कुवर मांझी ने विधि विधान से पूजा कराया।
जानकारी के अनुसार पूजा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया, इसके बाद मांदर के थाप पर महिला-पुरुष, युवक-युवतियों ने नृत्य प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विस्थापित नेता सह नायके बाबा सोहनलाल मांझी व जितेंद्र टूडू ने कहा कि यह पर्व प्रकृति और प्रेम का प्रतीक है, जो आदिवासी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कहा कि हमें भी आदिवासी समाज से सीख लेनी चाहिए कि कैसे प्रकृति से स्वयं को संरक्षित किया जाता है। कहा कि प्रकृति हमे सभी तरह के संसाधन मुहैया कराती है। यह पर्व फसल कटने के बाद मनाया जाता है। हम अपनी संस्कृति को भुलते जा रहे है। हमें अपनी संस्कृति को सहेज कर रखने की जरूरत है।
कहा कि जल, जंगल, जमीन हमारी पहचान है और उनकी रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। कहा कि प्रकृति की रक्षा करने से हम न केवल अपने पर्यावरण को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि हम अपने स्वास्थ्य, हमारे बच्चों के भविष्य और हमारी पूरी पृथ्वी की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं।
महोत्सव को सफल बनाने में कारो बस्ती, बंदुकबेड़ा, ताराबेड़ा, चरकपनिया, रासबेड़ा, कारू काटा, बगडेगवा आदि स्थानों के श्रद्धालूगण शामिल हुए। मौके पर रामेश्वर हेम्ब्रम, बंटी टुडू, पुरन टूडू, शिव नारायण मरांडी, बाबूचंद किस्कु, मोतीलाल हांसदा, संजय गंझू, अजय गंझू, दीपक गंझू, सुरेंद्र गंझू, नरेश गंझू, हरेकलाल मिश्रा, बेनीराम बेसरा, बिरसा माँझी, कालीचरण टूडू, युगल मूर्म, सोनाराम मुनी, पेरी बास्की, मंजू बास्की, सरिता टूडू, संगीता टूडू, प्रीति किस्कु आदि मौजूद थे।
![]()













Leave a Reply