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कस्तूरबा श्रीविद्या निकेतन में खेल कूद प्रतियोगिता सह मातृ गोष्ठी का आयोजन

एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कस्तूरबा श्रीविद्या निकेतन ढोरी में 17 जनवरी को खेलकूद प्रतियोगिता सह मातृ गोष्ठी का आयोजन किया गया।

मातृ गोष्टी की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्या रूमी सरकार, विभा सिंह, शैलबाला कुमारी तथा माताओ द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्पर्चन से किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम प्रमुख विभा सिंह ने बताया कि मातृ गोष्टी आयोजित करने का उद्देश्य विद्यालय के बच्चों के सर्वांगीण विकास, शिक्षा में सहयोग और संस्कारों को बढ़ावा देना है। जिसमें माता-पिता और स्कूल मिलकर बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर चर्चा करते हैं, ताकि वे अच्छे नागरिक बन सकें और उनकी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े।

मातृ गोष्ठी में मातृ भारती का गठन किया गया। जिसमें माताओं में अध्यक्ष पद पूजा कुमारी, सचिव बुलबुल देवी को बनाया गया। मातृ गोष्ठी में आचार्या शैलबाला कुमारी ने शिक्षा एवं संस्कार पक्ष के बिंदुओं को माताओं के समक्ष रखा। कार्यक्रम के अगले चरण में संजू ठाकुर ने भैया बहन की बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन को समझाकर उनकी परेशानियों को दूर करने के लिए मार्गदर्शन किया। आचार्या अनीता कुमारी द्वारा वाटिका खंड के भैया बहनों के शारीरिक, मानसिक विकास एवं पोषण के लिए किस प्रकार का आहार दिया जाए।

विद्यालय आने से पूर्व भैया बहनों को किस प्रकार तैयार करना है। भैया बहनों का वेश पूर्ण एवं स्वच्छ होना चाहिए, विषय पर माताओं से बात की। विद्यालय की प्रधानाचार्या रूमी सरकार ने भैया बहनों के सर्वांगीण विकास मे माताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस प्रकार मातृ गोष्ठी का शांति मंत्र के साथ समापन किया गया। गोष्ठी के समापन के बाद खेलकूद प्रतियोगिता की गयी। प्रतियोगिता के प्रमुख राहुल माजी तथा मंतोष प्रसाद रहे।

प्रतियोगिता में आचार्य राहुल माजी एवं मंतोष प्रसाद ने कई प्रकार के खेलों का आयोजन किया जैसे कबड्डी, खो -खो कई प्रकार के रेस, चम्मच गोली प्रतियोगिता आदि शामिल है। सर्वप्रथम कार्यक्रम प्रमुख माजी ने प्रतियोगिता के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक विकास और सामाजिक कौशल को बढ़ावा देना है।

यह आयोजन न केवल प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देते हैं, बल्कि उनमें अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना जैसी महत्वपूर्ण जीवन कौशल भी विकसित करते हैं। प्रधानाचार्या ने भैया बहनों को बताया कि खेल क्यों महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि खेल हमारे तन और मन दोनों के लिए ज़रूरी हैं। यह हमें फिट और स्वस्थ रहने में मदद करते हैं और कई बीमारियों से बचाते हैं। कहा कि जब हम खेलते हैं, तो हमारे शरीर का व्यायाम होता है, जिससे हमारी मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और हमारा हृदय स्वस्थ रहता है। खेल हमें अनुशासन, टीम वर्क और समय प्रबंधन भी सिखाते हैं।

खेलकूद प्रतियोगिता की शुरुआत वाटिका के भैया बहनों द्वारा किया गया जिसमें कक्षा अरुण, उदय, प्रभात के लिए खरगोश रेस का आयोजन किया गया। प्रथम, द्वितीय के भैया बहनों के लिए गणित रेस का आयोजन किया गया। कक्षा तृतीय, चतुर्थ और पंचम के भैया बहनों के बीच लंगड़ी रेस का आयोजन किया गया। कक्षा षष्ट से नवम तक के भैया बहनों के लिए चम्मच गोली रेस, खो-खो, कबड्डी, का आयोजन किया गया। अंत में सभी आचार्य एवं आचार्या के बीच टग ऑफ वार खेल का मुकाबला किया गया। यह मुकाबला दो टीमों के बीच हुआ।

टीम ए की प्रमुख संजू ठाकुर तथा टीम बी के प्रमुख देवाशीष ओझा थे, जिसमें देवाशीष ओझा की टीम बी ने 0/2 से टीम ए को हराया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी भैया बहनों में से प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान लाने वाले भैया बहनों को पुरस्कृत किया गया। कबड्डी एवं खो-खो की टीम को मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी आचार्य एवं आचार्या की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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