रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के सेंवाती घाटी में टुसू मेला का आयोजन किया गया। आयोजित पारंपरिक टुसू मेला का विधिवत उद्घाटन गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी एवं गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के साथ ही मेला परिसर उत्सवमय वातावरण से सराबोर हो गया।
इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें लोकनृत्य, लोकगीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियों ने मेला दर्शकों का मन मोह लिया। यह टुसू मेला झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित सेंवाती घाटी में आयोजित किया गया है, जहां दोनों राज्यों के रहिवासी बड़ी संख्या में पहुंचकर इस लोक पर्व का आनंद उठाते हैं। यह मेला आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक एकता और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
उद्घाटन के अवसर पर सांसद चौधरी ने कहा कि टुसू मेला हमारी लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। कहा कि सेंवाती घाटी जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में इस तरह के आयोजनों से झारखंड और बंगाल के रहिवासियों के बीच आपसी सद्भाव व् सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत होता है। हमें अपनी लोक परंपराओं को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है। ऐसे आयोजन हमारी पहचान और गौरव को बनाए रखते हैं।
पूर्व विधायक डॉ महतो ने कहा कि टुसू मेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यहां आयोजित यह मेला झारखंड और बंगाल को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है। दोनों राज्यों के लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक सौहार्द को जीवित रखने के लिए इस प्रकार के मेलों का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। कहा कि इससे ग्रामीण संस्कृति को पहचान मिलती है और स्थानीय कलाकारों को मंच प्राप्त होता है।
ज्ञात हो कि टुसू मेले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं की सहभागिता रही। आयोजन समिति एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका से मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक आयोजनों ने सेंवाती घाटी को उत्सव के रंग में रंग दिया है।
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