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विकसित भारत निर्माण के लिए शिक्षा में नई तकनीकों का समावेश आवश्यक-महाप्रबंधक

डीएवी कथारा में दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में 27 दिसंबर को सीबीएसई की दो दिवसीय (27,28 दिसंबर) क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि सीसीएल कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार थे।

इस अवसर पर अन्य गणमान्य अतिथियों में डीएवी तेनुघाट की प्राचार्या स्तुति सिन्हा, डीएवी ढोरी के प्राचार्य अमिताव दास गुप्ता, डीएवी ललपनिया के प्राचार्य तापस बनर्जी, डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर छह बोकारो की प्राचार्या सह कार्यशाला की साधनसेवी अनुराधा सिंह एवं राहुल रॉय जो कार्यशाला के साधनसेवी भी थे, शामिल थे।
कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं गायत्री मंत्र के साथ किया गया।

झारखंड जोन -आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ जी. एन. खान के साथ-साथ विशिष्ट एवं सभी गणमान्य अतिथियों ने मिलकर ज्ञान ज्योति को प्रज्वलित किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने हिंदी, संस्कृत, बांग्ला एवं राजस्थानी भाषा में सुंदर स्वागत गान प्रस्तुत किया। सभी आगंतुकों ने इस नवीनीकरण की सराहना की। विद्यालय के प्राचार्य -सह झारखंड जोन-आई के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ.जी.एन. खान ने महाप्रबंधक एवं सभी अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार ने उपस्थित अतिथियों एवं शिक्षकवृंद को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धा एवं तकनीकी युग में शिक्षा का लचीला होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो हर परिस्थिति में विद्यार्थियों को उत्तम ज्ञान प्रदान करें। इसके लिए नई-नई तकनीकों एवं क्रियाकलाप आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

कहा कि शिक्षकों को भी समय-समय पर प्रशिक्षण द्वारा ज्ञान रूपी तलवार को धार देनी चाहिए, ताकि वे विकसित भारत के लिए ओजस्वी एवं तेजस्वी भविष्य का निर्माण कर सकें। कहा कि मुझे उम्मीद है कि सभी उपस्थित शिक्षक आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का भरपूर लाभ उठाएंगे एवं पारंगत साधनसेवियों से नई-नई तकनीक सीख कर उसे अपनी कक्षा में लागू करेंगे।

विद्यालय के प्राचार्य -सह सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी ने महाप्रबंधक का आभार जताया। साथ हीं कहा कि उन्होंने अपने व्यस्ततम कार्यक्रम में से विद्यालय के इस समारोह के लिए समय निकाला। प्राचार्य ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को वर्ष में 50 घंटे का प्रशिक्षण लेना आवश्यक है। 25 घंटे का प्रशिक्षण सीबीएसई की तरफ से दिया जाता है और 25 घंटे का प्रशिक्षण डीएवी संस्था देती है। यह प्रशिक्षण शिक्षकों में गुणात्मक सुधार के लिए दिया जाता है।

ताकि वे विद्यार्थियों को नित नवीन तरीकों से शिक्षा प्रदान करें एवं उन्हें आने वाले भविष्य के लिए पूर्ण रूपेण तैयार करें। कहा कि इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का भी ध्यान रखना है। आशा है कि शिक्षक, प्रशिक्षण का सदुपयोग करेंगे और उसे अपनी शिक्षण पद्धति में अपनाएंगे।

उक्त आयोजन में डीएवी कथारा के वरिष्ठ शिक्षक पंकज कुमार, नागेंद्र प्रसाद, डॉ आर एस मिश्रा, जितेंद्र दुबे, रंजीत कुमार सिंह, राकेश रंजन, असित कुमार गोस्वामी, बी.के. दसौंधी, वीणा कुमारी, आराधना, मधुमल्लिका उपाध्याय, ओशीन, ममता पात्रा, जय प्रकाश गिरि, संगीत कुमार, रिया सिन्हा, खुशबू कुमारी, अर्शिया एजाज, आशा कुमारी आदि का सराहनीय सहयोग रहा।

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