कथारा कोलियरी व् वाशरी प्रबंधन के साथ हस्तलदनी एवं विस्थापितों की वार्ता विफल
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोलियरी तथा वाशरी में चल रहे रोड सेल में हिस्सेदारी व् आउटसोर्सिंग में नियोजन की मांग को लेकर पुर्व में चक्का जाम आंदोलन को लेकर बीते 15 दिसंबर को वार्ता की गयी। वार्ता बेरमो के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा के पहल पर की गयी।
बताया जाता है कि बेरमो अनुमंडल मुख्यालय तेनुघाट स्थित अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आयोजित वार्ता में हस्त लदनी कोयला मजदूर संघ, विस्थापित बेरोजगार मोर्चा कथारा के तमाम प्रतिनिधि उपस्थित थे, जबकि प्रबंधन की ओर से केवल कथारा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी रंजीत कुमार, प्रबंधक एचआर सुभाष चंद्र पासवान तथा क्षेत्रीय विक्रय प्रबंधक मोहन कुमार शामिल हुए। जबकि कथारा वाशरी का कोई भी प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हो सके।
जिसके कारण वार्ता पुरा नहीं हो सका। वार्ता के क्रम में एसडीओ के आग्रह पर आंदोलनकारियों द्वारा प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन स्थगित कर दिया गया तथा अगला बैठक 19 दिसंबर को कथारा कोलियरी पीओ कार्यालय में करने का निर्णय लिया गया, ताकि संघ तथा विस्थापितों की मांगो का सार्थक समाधान संभव हो सके। उक्त बैठक में कोलियरी पीओ सहित वाशरी पीओ के भी शामिल होने का निर्देश दिया गया था।
इस बावत जानकारी देते हुए हस्त लदनी मजदूर संघ के संयोजक अरुण कुमार सिंह तथा कार्यकारी अध्यक्ष नरेश यादव ने 19 दिसंबर की संध्या जानकारी देते हुए बताया कि बीते 15 दिसंबर को एसडीओ बेरमो की अध्यक्षता में हस्तलदनी कोयला मजदूर संघ व स्थानीय विस्थापित बेरोजगार मोर्चा के साथ सीसीएल प्रबंधन की हुई बैठक में एसडीओ ने सीसीएल प्रबंधन कथारा को स्पष्ट आदेश दिए थे कि 19 दिसंबर को उक्त उपरोक्त संगठनों, डीओ धारकों, स्थानीय थाना तथा सीसीएल प्रबंधन द्वारा बैठक कर प्रेषित मांग-पत्र के आलोक में नेगोसियेशन कर लेंगे, ताकी विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हो।
परन्तु स्थानीय सीसीएल प्रबंधन ने एसडीओ बेरमो के आदेश को अंगूठा दिखाते हुए टाल-मटोल की नीति अपनाया। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर की बैठक में कोई भी सक्षम पदाधिकारी शामिल नहीं हुए। मात्र कथारा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी को मोहरा बनाकर मिटिंग में बैठा दिया गया। कहा कि पीओ के पास संगठनो द्वारा प्रेषित मांग-पत्र की प्रति भी नहीं थी। स्थानीय सीसीएल प्रबंधन मात्र स्थानीय विस्थापितों और मजदूरों को छलने का काम कर रही है। कहा गया कि जिसकी धरती उसको काम नहीं तो होगा चक्काजाम का नारा के साथ बातचीत बेनतीजा रहा।
वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश सचिव प्रमोद सिंह, भाकपा माले नेता बालेश्वर गोप, बांध पंचायत के पंचायत समिति सदस्य चंद्रदेव यादव, मुखिया पुत्र बबलू यादव, पुर्व पंसस गोपाल यादव, ग्रामीण गोविन्द यादव, श्रमिक नेता मथुरा सिंह यादव, संघ के अध्यक्ष राजेश्वर रविदास, कार्यकारी अध्यक्ष नरेश यादव, सचिव राजेश रजवार, रोहित यादव (मंटू), लाल यादव, झामुमो अल्पसंख्यक मोर्चा गोमिया प्रखंड अध्यक्ष इम्तियाज आलम, कारू साव सहित बांध, बोड़िया और कथारा पंचायत के सैकड़ो महिला, पुरुष शामिल थे।
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