एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी लगातार राज्य के हेमंत सोरेन सरकार पर आरोपों की बारिश करने में लगे है। इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने एक बार फिर राज्य सरकार पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर निशाना साधा है। राज्य के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार बोलने वाले मरांडी के निशाने पर अब सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव लोचन बख्शी आ गये है। प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सीएम सोरेन को आखिर ऐसे भ्रष्ट अफसरों से क्या लगाव है, उन्हें यह आज तक समझ में नहीं आया। उन्होंने कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक राजीव लोचन बख्शी वन विभाग के प्रधान सचिव भी रहे हैं। उन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन सरकार कार्रवाई करने की बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है।
मरांडी ने कहा कि जिस विभाग का सचिव पद महीनों से खाली हो और जिसके विभागीय मंत्री खुद मुख्यमंत्री हों, वहां अनियमितता का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा। उन्होंने दावा किया कि विज्ञापन और होर्डिंग के खेल में दलालों की भूमिका पहले से तय रहती है। कहा कि रांची के कांटा टोली का एक दलाल 1000 रुपये के होर्डिंग पर 10,000 रुपये तक वसूली का सिस्टम चलाता है।
नेता प्रतिपक्ष मरांडी ने पिछले पांच वर्षों में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद विज्ञापन पास किए जाते हैं, जिसमें पूरा सिस्टम केवल लूट-खसोट में शामिल रहता है, यानी जनता की कमाई लूटकर अपनी तिजोरी भरने का काम हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्ट अधिकारियों को ही सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं और सरकार इस भ्रष्ट तंत्र को बचाने में लगी है।
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