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टाटा स्टील नोआमुंडी में शताब्दी समारोह के साथ सौ वर्ष की खनन उत्कृष्टता उत्सव

नोआमुंडी की समृद्ध विरासत निर्माण में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका-महाप्रबंधक

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में टाटा स्टील नोआमुंडी ने अपने खनन संचालन के सौ वर्ष पूरे होने पर 12 दिसंबर को ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न भव्य और स्मरणीय शताब्दी समारोह के साथ मनाया।

इस अवसर पर टाटा स्टील के वरिष्ठ नेतृत्व, वर्तमान एवं पूर्व कर्मचारी तथा यूनियन प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने खनन उत्कृष्टता, तकनीकी प्रगति और सामुदायिक विकास के एक सदी लंबे सफर का उत्सव मनाया। शताब्दी समारोह कार्यक्रम की शुरुआत रिलीविंग 100 इयर्स: सागा ऑफ नोआमुंडी नामक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति से की गयी, जिसमें नोआमुंडी के शुरुआती दिनों से भारत के सबसे उन्नत और सतत खनन संचालन में इसके परिवर्तन की कहानी को दर्शाया गया।

स्वागत संबोधन देते हुए जनरल मैनेजर, ओर माइन्स एंड क्वारीज़ नोआमुंडी अतुल भटनागर ने उस ऐतिहासिक यात्रा पर प्रकाश डाला, जिसमें नवाचार, सुरक्षा, स्थिरता और आमजनों को सर्वोपरि रखने के मूल्यों ने इसे एक मॉडल खनन इकाई में परिवर्तित किया। उन्होंने विभिन्न पीढ़ियों के कर्मचारियों के योगदान को विशेष रूप से सराहा।

पेज़ेस फ्रॉम द पास्ट नामक स्मरणात्मक सत्र में वर्तमान और पूर्व वक्ताओं ने अपनी बहुमूल्य यादें साझा कीं। वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेज़ टाटा स्टील डी. बी. सुंदर रामम, जो पहले वाइस प्रेसिडेंट रॉ मटेरियल्स के रूप में भी कार्य कर चुके हैं ने नोआमुंडी में अपने अनुभव साझा किए और अपने कार्यकाल के महत्वपूर्ण मील के पत्थरों को रेखांकित किया। इसके बाद पूर्व वक्ताओं ए. एम. मिश्रा और ए. डी. बैजल ने नोआमुंडी की खनन यात्रा के महत्वपूर्ण चरणों और उसे आकार देने वालो को याद किया।

समारोह के प्रमुख आकर्षणों में से एक था स्मारिका और कॉफी टेबल बुक का विमोचन, जिसे सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, टाटा स्टील टी. वी. नरेंद्रन, वाइस प्रेसिडेंट, रॉ मटेरियल्स, बीपीआरएम जीएन ओएमक्यू संदीप कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह कॉफी टेबल बुक नोआमुंडी की 100 वर्षीय यात्रा का दृश्य एवं कथात्मक संकलन है, जिसमें ऐतिहासिक तस्वीरें, महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ और प्रेरणादायक कहानियाँ शामिल हैं।

यह विमोचन टाटा स्टील की अपनी विरासत को सम्मान देने और भविष्य की ओर आशाओं के साथ आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता का प्रतीक था। इसके बाद डीप रूट्स, डाइवर्स स्टोरीज़: माइनिंग टेल्स फ्रॉम एम्प्लॉइज़ सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने टाटा स्टील नोआमुंडी में काम करने के अपने अनुभव और सीखें साझा की, जो संगठन की भावना, दृढ़ता और संस्कृति को प्रतिरूपित करती हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए बीपीआरएम ने मजबूत नेतृत्व परंपरा और कर्मचारियों के सामूहिक योगदान को सराहा, जिसने नोआमुंडी को खनन उद्योग में उत्कृष्टता का मानक बनने में सक्षम बनाया। अपने संबोधन में सीईओं एवं एमडी ने शताब्दी माइलस्टोन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नोआमुंडी ने न केवल टाटा स्टील की वृद्धि को गति दी है, बल्कि जिम्मेदार खनन, स्थिरता और सामुदायिक विकास में लगातार मानक स्थापित किए हैं, जिससे यह कंपनी के कच्चे माल के संचालन का एक प्रमुख आधार बन गया है।नोआमुंडी का शताब्दी उत्सव उन पीढ़ियों को समर्पित है, जिन्होंने 1925 में इसकी स्थापना से लेकर आज इसे देश की सबसे उन्नत, टिकाऊ और सामाजिक रूप से जिम्मेदार खनन इकाइयों में से एक बनाने में योगदान दिया।

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