एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के जारंगडीह रहिवासी दिलीप कुमार को डॉक्टर द्वारा झूठा आश्वासन देकर गलत तरीके से की गयी आंख का ऑपरेशन के बाद उसकी दृष्टि समाप्त हो गयी है। दृष्टिहीन दिलीप ने बेरमो बीडीओ को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है।
डॉक्टर द्वारा गलत ऑपरेशन से दृष्टिहीन हुए जारंगडीह रहिवासी दिलीप कुमार ने 11 दिसंबर को बताया कि वह काफी गरीब है तथा पुर्व में दृष्टिहीन होने से पहले झाल-मुढ़ी एवं चना का फेरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। कहा कि उसके दो पुत्र एवं एक पुत्री हैं। जिसका भरण पोषण अब उसके लिए कठिन हो गया है।
पीड़ित ने बताया कि पुर्व में वर्ष 2021 में उसे आँखों की समस्या होने के कारण झारखंड की राजधानी रांची स्थित रिम्स तथा मुराई हॉस्पिटल में इलाज चला था, जहाँ के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से बताया था कि उसकी आँखों की नसें सूख चुकी हैं, जिसका न तो कोई इलाज संभव है और न ही कोई ऑपरेशन। बताया कि डॉक्टर द्वारा केवल दवा चलाते रहने की उसे सलाह दी गई थी। कहा कि बीते नवंबर माह में जरिडीह बाजार के गुजराती स्कूल में नेत्र जांच व् मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर लगाया गया था।
उक्त शिविर कथारा मोड़ के हाजी ए.आर. मेमोरियल नेत्र अस्पताल द्वारा आयोजित था, जहाँ वह भी अपना जाँच कराने गया। शिविर में उपस्थित डॉक्टर को उसने अपनी बीमारी तथा रिम्स और मुराई हॉस्पिटल की रिपोर्ट दिखाने की बात कही, परंतु डॉक्टर ने उसकी रिपोर्ट देखने के बजाय कहा कि आपकी नस सूखी नहीं, बल्कि कमजोर हो गयी है। जिसका इलाज संभव है। बताया कि डॉक्टर के अनुसार ऑपरेशन से उसकी आँखें ठीक हो जाएँगी और रोशनी लौट आएगी।
दिलीप के अनुसार शिविर में डॉक्टर द्वारा न उसका ब्लड शुगर चेक किया गया, न बीपी जाँचा गया, और न ही किसी प्रकार की जरूरी जाँच की गई। डॉक्टर के झूठे आश्वासन और भ्रामक बातों पर भरोसा कर वह कथारा अस्पताल पहुंचा, जहाँ 2 नवंबर को डॉक्टर ने उसकी बाएं आँख का ऑपरेशन कर 3 नवंबर को उसे डिस्चार्ज कर दिया। आरोप लगाते हुए उसने कहा कि डॉक्टर की लापरवाही से चिकित्सा एवं गलत ऑपरेशन के कारण उसकी आँख की पूरी रोशनी चली गई, जबकि ऑपरेशन से पहले उसे काफी हद तक दिखता था। अब वह पूरी तरह दृष्टिहीन है, जिससे उसके परिवार का जीवन संकट में पड़ गया है।

पीड़ित दिलीप कुमार द्वारा 11 दिसंबर को बेरमो के प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार को जानकारी देते हुए एक आवेदन दिया गया तथा न्याय की गुहार लगायी गयी है।
आवेदन में पीड़ित ने उसका ऑपरेशन करनेवाले डॉक्टर सहित संबंधित अस्पताल प्रबंधन पर झूठा आश्वासन देकर ऑपरेशन करने, चिकित्सा में गंभीर लापरवाही बरतने तथा दृष्टि समाप्त होने के कारण की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में बेरमो बीडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि पीड़ित द्वारा उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है। हाजी ए. आर. मेमोरियल अस्पताल से संबंधित आवेदन को वे अभी के अभी सीएचई के जो चिकित्सा प्रभारी है इनके आवेदन के आलोक में उचित जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जांच के बाद कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे चिकित्सकों का लाइसेंस जाँच कर आवश्यक होने पर रद्द भी किया जा सकता है।
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