एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। सीसीएल मुख्यालय रांची के समक्ष बीते 5 दिसंबर से नियोजन की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे सीसीएल कथारा क्षेत्र के स्वांग वाशरी क्लीनिंग से बैठाए गए अवॉर्डी मजदूरों को मुख्यालय प्रबंधन द्वारा वार्ता का आश्वासन के बाद 6 दिसंबर की देर संध्या हड़ताल तुड़वाया गया था।
इसे लेकर बीते 8 दिसंबर की देर संध्या झारखंड के पेयजल स्वच्छता सह मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद के पहल पर वार्ता की गई। वार्ता में मंत्री के अलावे सीसीएल मुख्यालय रांची के निदेशक मानव संसाधन हर्षनाथ मिश्रा, महाप्रबंधक मानव संसाधन एवं औद्योगिक संबंध प्रतुल कुमार, कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार, विभागाध्यक्ष माधुरी मडके, स्वांग वाशरी परियोजना पदाधिकारी वी. मोहन बाबू, प्रबंधक सीपी अमित कुमार, प्रबंधक एचआर सवीराज सिंह, अवॉर्डी मजदूरों की ओर से झामुमो नेता मुमताज आलम, झामुमो केंद्रीय महामंत्री जय नारायण महतो, मजदूरों के पक्ष के तेनुघाट के अधिवक्ता राजीव कुमार तिवारी शामिल थे।
जानकारी देते हुए झामुमो नेता मुमताज आलम ने बताया कि रांची स्थित मंत्री के सरकारी आवास पर वार्ता के क्रम में सीसीएल प्रबंधन द्वारा सत्यापन को लेकर सीजीआईटी धनबाद से मंतव्य लेकर नियोजन प्रक्रिया शुरू करने की सहमति बनी। जिसे मंत्री के आग्रह पर उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके लिए प्रबंधन द्वारा आगामी 5 जनवरी तक का समय निश्चित किया गया है।

आलम ने बताया कि प्रबंधन अगर इस बार ढुलमुल रवैया अपनाती है तो पुनः 6 जनवरी से भूख हड़ताल के साथ साथ आत्मदाह के लिए अवॉर्डी मजदूर मजबूर होंगे। जिसकी पूरी जिम्मेवारी सीसीएल प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि आवश्यक प्रक्रिया को पुरा कर सीसीएल प्रबंधन को अवॉर्डी मजदूरों को नियोजन देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रबंधन पूर्व में किए गए गलतियों को लेकर इस बार ठोस रूप से नियोजन संबंधी मामले को कार्य रूप देने में लगी है।
मंत्री ने कहा कि मजदूरों की लड़ाई लंबी हो गई है, बावजूद इसके उन्हें धैर्य बनाये रखने की जरूरत है।
हालांकि उक्त बैठक में उपस्थित दर्जनों अवॉर्डी मजदूर प्रबंधन द्वारा आगामी 5 जनवरी तक का समय मांगे जाने और मंत्री द्वारा उसे स्वीकार करने से संतुष्ट नहीं दिखे, बावजूद इसके उनके पास अन्य कोई विकल्प नहीं था।
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