पचास से अधिक महिला व् पुरुष थिएटर कलाकारों की स्क्रीनिंग
थिएटर डांसरों की पहली बार मेले में की गयी एचआईवी–टीबी स्क्रीनिंग
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के इतिहास में पहली बार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेला परिसर स्थित विभिन्न थिएटरों में काम करने वाली डांसरों और अन्य कर्मियों की एचआईवी, सिफलिस और टीबी की जांच की।
जानकारी के अनुसार 8 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए इस विशेष अभियान में थिएटरों में काम करने वाले 50 से अधिक महिला और पुरुष कलाकारों का सैंपल लिया गया। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से धार्मिक और सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र रहा यह मेला इस बार स्वास्थ्य सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण मंच भी बन गया है।
बताया जाता है कि भीड़-भाड़ वाले वातावरण और बाहरी राज्यों से आने वाले कलाकारों की बड़ी संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की इस सराहनीय पहल की अनदेखी नहीं की जा सकती, बल्कि विभाग स्वतः प्रशंसा की पात्र बन गई है। खास बात यह कि जांच के साथ ही थिएटर कलाकारों को उपरोक्त जानलेवा बीमारियों के लक्षण, संक्रमण के रास्ते और बचाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
एचआईवी और टीबी जैसी बीमारियों से डरने की नहीं, बल्कि सावधान रहने की जरूरत
यक्ष्मा विभाग सारण के डीपीसी हिमांशु कुमार ने बताया कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में काम करने वाले कामगारों व् कलाकारों को स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी जोखिम अधिक रहता है। खासकर थिएटर और मनोरंजन से जुड़े कर्मियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी संक्रमण को समय रहते पहचाना जा सके और इलाज शुरू किया जा सके। इसी उद्देश्य के तहत मेला क्षेत्र में यह विशेष जांच शिविर लगाया गया।
जांच टीम में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों ने कलाकारों को समझाया कि एचआईवी और टीबी जैसी बीमारियों से डरने की नहीं, बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। बताया कि सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच और शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना इन बीमारियों से बचाव के सबसे प्रभावी तरीके हैं। स्वास्थ्य जांच टीम द्वारा शिविर में टीबी के प्रमुख लक्षण, लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, वजन में कमी, बुखार और रात में पसीना आने जैसे संकेतों के बारे में विस्तार से बताया गया।

वहीं एचआईवी और सिफलिस से बचाव के लिए सुरक्षित आदतों को अपनाने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सोनपुर मेला जैसे बड़े आयोजनों के दौरान इस तरह की पहल कलाकारों और कर्मियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय रहती है और किसी भी सकारात्मक मामले की स्थिति में तुरंत इलाज व परामर्श उपलब्ध कराया जाता है।
शिविर में थिएटर कलाकारों ने भी स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे शिविर उन्हें अपनी सेहत को लेकर अधिक जागरूक बनाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आगे भी सोनपुर मेला परिसर में विभिन्न श्रेणी के आगंतुकों और कर्मियों के लिए स्वास्थ्य जांच और जागरूकता कार्यक्रम जारी रहेंगे, ताकि मेला सिर्फ मनोरंजन का स्थल नहीं बल्कि स्वास्थ्य के प्रति सजग समाज निर्माण का भी केंद्र बन सके।
स्वास्थ्य जांच अभियान में स्वास्थ्य प्रबंधक, बनियापुर (सारण) गौतम कुमार, डीपीसी एनटीईपी हिमांशु शेखर, एसटीएलएस डीटीसी कुमार अमित, पीएमडब्ल्यू एकमा कृष्ण मोहन सिंह, यक्ष्मा विभाग कर्मी अरविंद कुमार सिंह, काउंसलर अशोक रंजन, अभय दास और एलटी सुजित कुमार आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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