ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कथारा स्थित पावर सब स्टेशन से जुड़े तेनुघाट, साड़म, गोमिया, ललपनिया, कंजकीरो, फुसरो कथारा इत्यादि इलाका में प्रतिदिन 10 से 12 घंटा तक बिजली आपूर्ति बाधित रह रही है। फलस्वरुप क्षेत्र के रहिवासियों का दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही है और जलापूर्ति बंद हो गई है।
इस बारे में भाकपा राजद जन अभियान के संयोजक और झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद ने 7 दिसंबर को कहा कि राज्य में बिजली उत्पादन की कोई कमी नहीं है। कहा कि 500 मेगावाट क्षमता वाली डीवीसी का बोकारो थर्मल यूनिट पिछले 10 दिनों से फुल लोड पर चल रहा है, किंतु कथारा पावर सब स्टेशन में बिजली आपूर्ति को नियमित बनाए रखने तथा इलाकावासियों को बिजली संकट से बचने के लिए डीवीसी प्रबंधन वैकल्पिक ट्रांसफार्मर की व्यवस्था नहीं की है।
महमूद ने कहा कि डीवीसी द्वारा इलाका की हो रही उपेक्षा का आकलन इसी से लगाया जा सकता है कि 8 मेगावाट तक ही कथारा पावर सब स्टेशन को बिजली आपूर्ति की जा रही है। फलस्वरुप गोमिया, साड़म, तेनुघाट, कथारा, फुसरो, कंजकिरो फीडर में एक साथ और नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कुल मिलाकर 10 से 12 घंटा बिजली आपूर्ति बंद रहती है। महमूद ने कहा कि क्षेत्र का राजनीतिक नेतृत्व के प्रभावकारी नहीं होने के कारण डीवीसी प्रबंधन इलाकावासियों की उपेक्षा कर रही है और क्षेत्र के विधायक और सांसद बिजली संकट की हालत में इलाका को छोड़ दिए हैं। महमूद ने आगामी 10 दिसंबर तक बिजली संकट सामान्य नहीं होने पर जन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
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