अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला के कृषि प्रांगण में जिला प्रशासन की ओर से लगायी गयी प्रदर्शनी में किसानों को मिट्टी जांच और मिट्टी नमूना संग्रह करने के तरीके की जानकारी दी जा रही है।
विभाग के एआरओ छपरा शैलेन्द्र प्रताप मेला की प्रदर्शनी में मिले। निकट ही चलंत मिट्टी जांच प्रयोगशाला वैन खड़ी थी। उन्होंने बताया कि मेलावधि में लगभग डेढ़ हजार किसानों ने प्रदर्शनी में परिभ्रमण किया और विभाग द्वारा लगाई गयी पोस्टर प्रदर्शनी का अवलोकन कर मिट्टी की सुरक्षा से संबंधित जानकारी हासिल की।
मिट्टी नमूना लेने के समय बरतने योग्य सावधानियां
कृषि विभाग की प्रदर्शनी में यह भी बताया जा रहा है कि
जिस खेत में हाल हीं मे खाद उर्वरक डालें गये हो वहां से नमूना न लें। नमी व दलदली जगहों से भी नमूना न लें। खेत के मेढ़ या बांध के समीप से नमूना न लें। खेत में जहां कम्पोस्ट का गड्ढा या ढेर हो वहां से नमूना संग्रह नहीं करें। वृक्षों की छाया जहर बराबर रहती हो उस स्थान से नमूना नहीं लें। उर्वरक के बोरे में मिट्टी नमूना संग्रहित न करें। यथा-सम्भव खड़ी फसल के खेत से नमूना न लें।

मेला प्रदर्शनी में बताया गया है कि दो फसलों के बीच की अवधि में खाली खेत से हीं नमूना लें। इसके साथ ही कृषकों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे खेत से मिट्टी नमूना लेने एवं प्रयोगशाला तक भेजने के लिए अपने जिले के सम्बन्धित कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार, सहायक निदेशक (रसायन) जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला से संपर्क कर सकते हैं। मेला में अधिक जानकारी के लिए सहायक निदेशक (रसायन) जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला सारण से संपर्क करने की सलाह दी गयी है।
कृषि विभाग के मुख्य मंच के सटे पश्चिम कोने में होने के कारण सभी दर्शक इस प्रदर्शनी में नहीं पहुंच पा रहे थे। फिर भी उत्सुक किसान विभिन्न स्टालों को देखते हुए पहुंचते तो उन्हें प्रदर्शनी के भीतर मृदा जांच से संबंधित प्रदर्शित जानकारी पढ़ने को मिल रही थीं। यहां पंपलेट भी वितरित किया जा रहा है।
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