Advertisement

सोनिया गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति से मिला विपक्ष

साभार/ नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Act) पर देश भर में मचे बवाल को लेकर मंगलवार को प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने राष्‍ट्रपति से मुलाकात की। विपक्षी नेताओं में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, पी चिदंबरम, टीआर बालू, सपा नेता रामगोपाल यादव मौजूद रहे। मुलाकात के बाद सोनिया गांधी ने कहा कि यह सरकार जनता की आवाज दबा रही है। पुलिस का यूनिवर्सिटी हॉस्‍टल में घुसकर छात्रों पर कार्रवाई करना गलत था। सरकार संविधान का उल्‍लंघन कर रही है। सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्‍ली और नॉर्थ ईस्‍ट के राज्‍यों में हालात तनावपूर्ण हैं। इसलिए हमने राष्‍ट्रपति से मामले में दखल देने को कहा है। उन्‍होंने कहा कि प्रदर्शन करना सबका लोकतांत्रिक हक है।

डरेक ओ ब्रायन ने कहा- हमने राष्ट्रपति से इस कानून को वापस लेने की अपील की है। ये कानून इस तरह से लागू नहीं किया जा सकता इसका सीधा असर सिर्फ गरीब लोगों पर ही होगा। हमारी पार्टी जामिया के छात्रों के साथ खड़ी है।

सीताराम येचुरी- राष्ट्रपति से हमने इस काले कानून को वापस लेने की अपील की है। राष्ट्रपति संविधान के प्रथम रक्षक हैं और उन्हें संविधान विरोधी कानून को रद्द करना चाहिए।

रामगोपाल यादव- समाजवादी पार्टी की तरफ से रामगोपाल ने कहा कि हम पहले ही संसद में इस कानून को लेकर आशंका जाहिर कर चुके थे और अब देश के हर कोने में जो हो रहा है वो हमारी आशंका को सच साबित कर रहा है।

नॉर्थ-ईस्ट जल रहा है और पाकिस्तान समेत कई पड़ोसी देश यही चाहते हैं कि भारत में आग लगी रहे, सरकार को इस स्थिति को समझना होगा और इस कानून को वापस लेना होगा।

 

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *