
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला स्वास्थ्य विभाग में राइडर कंपनी के माध्यम से कार्यरत आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों ने 15 जुलाई को उपायुक्त (डीसी) कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में अपनी वेतन संबंधी समस्याएं रखीं।
इस अवसर पर कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें बीते चार महीने से वेतन नहीं मिला है। यही नहीं बल्कि छह वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें पीएफ नंबर तक नहीं दिया गया है। बताया कि उनकी स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि दैनिक खर्च और बच्चों की परवरिश तक मुश्किल हो रही है।
उपस्थित गोमिया सीएससी की कर्मचारी रश्मि कुमारी ने बताया कि अब हालत ऐसी हो गई है कि परिवार का इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं। बताया कि बीते मार्च महीना में भी आंदोलन किया गया था, लेकिन अधिकारियों के आश्वासन पर इसे स्थगित कर दिया गया था।

बोकारो जिला के हद में सीएससी गोमिया, बेरमो, तेनुघाट, नावाडीह, पेटरवार, चंदनक्यारी, जरीडीह और कसमार से आए दर्जनों कर्मचारियों ने जिला उपायुक्त अजय नाथ झा से मिलकर गुहार लगाई। उनका कहना था कि चास के कर्मचारियों को नियमित वेतन मिल रहा है, जबकि बाकी क्षेत्रों के कर्मचारियों की लगातार अनदेखा किया जा रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि सिविल सर्जन कार्यालय सिर्फ आश्वासन देता है, जबकि कंपनी कहती है कि अब तक आवंटन नहीं आया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूरन फिर से आंदोलन करेंगे।
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