पुलिस गिरफ्त में मूर्ति लेकर फरार अभियुक्त
गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिले के ऐतिहासिक वैशाली गढ़ स्थित राजा विशाल के गढ़ से लगभग आधा किलो मीटर पश्चिम निजी उपयोग के लिए जेसीबी से मिट्टी काटने के दौरान बीते माह 28 जून को खुदाई में एक मिट्टी की गगरी निकली। मिट्टी कटाई देख रहे ग्रामीण तिलक सहनी ने गगरी देखा और उसे चुपचाप उठा लिया।
बताया जाता है कि उसी दौरान मिट्टी कटवा रहा स्थानीय रहिवासी अरविंद राय ने सहनी से गगरी छीन लिया। हंगामा देख वहां काफी संख्या में रहिवासी जुट गये। इसके बाद अरविंद ने तिलक को पुलिस को सूचना देने से मना किया और गगरी लेकर फरार हो गया।
तिलक ने बताया कि गगरी को अरविंद राय ने फोड़कर देखा, तो गगरी में से एक पुरानी मूर्ति निकली।जिसकी सूचना वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने पुलिस को दिया और उक्त गगरी का एक टुकड़ा भी पुलिस को सौंपा। तब से पुलिस आरोपी अरबिंद राय की तलाश में जुटी थी। पुलिस को बीते 13 जुलाई को सफलता भी मिली, जब वैशाली थानाध्यक्ष रविन्द्र पाल ने गुप्त सूचना पर अरबिंद राय के घर छापेमारी की। जहाँ सबसे पहले पुलिस ने आरोपी राय को हिरासत में लिया।
जब पूछताछ की तो उसने बताया कि घर के समीप ही जमीन में उसने मूर्ति को छिपा रखा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बेशकीमती मूर्ति को जमीन के अंदर से बरामद कर लिया है। वहीं पुलिस ने सूचना देने वाले तिलक साहनी की भूमिका पर भी शक जताते हुए केस दर्ज किया है, क्योंकि घटना के दो दिन बाद उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी।
बहरहाल मौके पर पहुंचे सदर एसडीपीओ-2 गोपाल मंडल ने 14 जुलाई को बताया कि ऐतिहासिक वैशाली के आस पास कोई भी वस्तु जमीन के अंदर से बरामद होता है, तो वह सरकार की संपत्ति है। उसे पुरातत्व विभाग को देना होता है। लेकिन आरोपी ने ऐसा नहीं किया, इसलिए उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बरामद मूर्ति को पुरातत्व विभाग को सौंपा जाएगा, जो पता लगाएगी कि मूर्ति कब की और किस धातु से बनी है।
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