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दोपहिया वाहन जांच के दौरान वाहन चालक व् ओपी प्रभारी के बीच नोक-झोक

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। ओपी प्रभारी द्वारा अपने क्षेत्र से बाहर दूसरे थाना क्षेत्र में दोपहिया वाहन जांच 10 जुलाई को भारी पर गया। एक दोपहिया चालक ने ओपी प्रभारी को उनका हद बता दिया, जबकि ओपी प्रभारी ने पकड़े गये दोपहिया का तीन हजार का चालान कटवाकर अपनी पीठ खुद थपथपाने का काम किया।

जानकारी के अनुसार 10 जुलाई की संध्या बोकारो जिला के हद में बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र के कथारा कोलियरी के समीप दोपहिया वाहन जांच किया जा रहा था। कथारा ओपी प्रभारी द्वारा इस दौरान एक दर्जन से अधिक दोपहिया वाहन को चालक द्वारा वैध कागजात नहीं दिखाने तथा हेलमेट नहीं पहनने के आरोप में बाइक को पीओ कार्यालय परिसर में जमा कर दिया गया। इस दौरान स्थानीय चौधरी टोला रहिवासी संजय यादव से हेलमेट नहीं लगाने के बावत ओपी प्रभारी की नोकझोंक हो गयी।

बताया जाता है कि नोकझोंक इतना बढ़ गया कि कोलियरी ऑफिस के सामने सड़क पर सैकड़ो की संख्या में आसपास के रहिवासी जमा हो गये। भीड़ की परवाह ण करते हुए जहां वाहन चालक संजय ने ओपी प्रभारी पर खुला आरोप लगाया कि वे कथारा ओपी प्रभारी है, लिहाजा उन्हें प्रथमतः दूसरे थाना क्षेत्र में आयेदिन किए जा रहे वाहन जांच नहीं करना चाहिए, दूसरे वे बिना पुलिस वर्दी अपना धौस जमाने और पॉपुलैरिटी के लिए इस प्रकार के हथकंडो का इस्तेमाल करते है, जो एक पुलिस अधिकारी के लिए शोभा नहीं देता है। वहीं ओपी प्रभारी भी तैस में आकर संजय को अंजाम भुगतने की बात कह जिला मुख्यालय के किसी शैलेन्द्र को फोन कर उक्त दोपहिया के खिलाफ तीन हजार का जुर्माना का ऑनलाइन चालान कटवाने की बात कही।

बताया जाता है कि इस बीच स्थानीय एक युवक स्वयं को अधिवक्ता बताते हुए जब ओपी प्रभारी से सवाल जबाब किया तब पहले तो ओपी प्रभारी ने संयमित जबाब दी, बाद में स्थिति विपरीत होता देख ओपी प्रभारी भड़क गये तथा उक्त अधिवक्ता पर शराब पीकर पुलिस अधिकारी से बहस करने तथा सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए थाना ले जाने की कोशिश की। जिससे बात बनने के बजाय और बिगड़ गया तथा उपस्थित जनों ने इसे पुलीसिया ज़्यादती बताया। ओपी प्रभारी इस दौरान कहते पाये गये कि यहां की तमाम जनता उनके साथ है।

बताया जाता है कि इस दौरान उपस्थित जनों ने दोपहिया चालक संजय जो एक सीसीएल कर्मी भी है को समझाने में लगे रहे, वहीं ओपी प्रभारी को भी शांत रहने की नसीहत देते देखे गये, जबकि ओपी के सहायक अवर निरीक्षक के एन पाठक तथा सअनि गुप्तेश्वर पांडेय द्वारा उक्त अधिवक्ता को समझाया गया कि यह कार्य आमजनों के भले के लिए तथा संभावित दुर्घटना से बचाने के लिए किया जा रहा है। बताया जाता है कि आधे घंटे से अधिक सड़क किनारे चले ड्रामा का पटाक्षेप बोकारो थर्मल थाना के पुलिस अवर निरीक्षक भागीरथ महतो के पहुंचने के बाद संभव हो पाया। महतो ने कथारा ओपी प्रभारी द्वारा पकड़े गये सभी दोपहिया वाहनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।

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