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श्रमिक विरोधी नया श्रम कानून के खिलाफ एकदिवसीय हड़ताल असरदार

विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। देशव्यापी श्रमिक विरोधी नया श्रम कानून के खिलाफ एकदिवसीय हड़ताल गोमिया प्रखंड के हद में ललपनिया में असरदार रहा। यहां सैकड़ो मजदूर हड़ताल में शामिल हुए।

श्रमिक विरोधी नया श्रम कानून रद्द करने, बैंकों, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निजीकरण के खिलाफ एवं रिक्त पदों पर बहाली सहित कई मांगों को लेकर देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल के क्रम में गोमिया प्रखंड के हद में तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन ललपनिया में 9 जुलाई को भारी बारिश के बीच जुलूस निकाला गया। जुलूस प्रशासनिक भवन गेट के समक्ष पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया।

सभा को संबोधित करते हुए ठेकेदार मजदूर यूनियन के महासचिव एवं झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद ने कहा कि नया श्रम कानून मजदूरों को कानूनी तौर पर गुलाम बनाने का प्रयास है। अभी तक के कानून में 8 घंटा तक काम लेने का मालिक नियोजकों को अधिकार दिया गया है, किंतु नया श्रम कानून जो श्रम संहिता कहलाता है 12 से 18 घंटा तक बिना ओवर टाइम का बिना लाभ दिये काम लेने का नियोजक को अधिकार दे दिया गया है।

महमूद ने कहा कि नये श्रम कानून में श्रम न्यायालय को खत्म कर दिया गया है और श्रम अधिकारियों की शक्ति नियोजकों को दे दिया गया है। उन्होंने अंतिम सांस तक नए श्रम कानून के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की घोषणा की। रैली, प्रदर्शन व् सभा में यूनियन के उप महासचिव समीर कुमार हलदर, जागेश्वर शर्मा, मुकुंद साव, धनेश्वर रविदास, किसान सभा के प्रखंड संयोजक देवानंद प्रजापति, डेगलाल महतो, सुगन सोरेन, वकील प्रजापति, संजय करमाली, सलीम अंसारी इत्यादि मुख्य रूप से शामिल थे।

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