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केबी कॉलेज में वन महोत्सव समापन पर पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यशाला

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में 8 जुलाई को बोकारो जिला के हद में जारंगडीह स्थित केबी कॉलेज में कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जानकारी के अनुसार केबी कॉलेज के प्राचार्य लक्ष्मी नारायण की अध्यक्षता में विधिवत् दीप प्रज्ज्वलित कर वन महोत्सव सप्ताह समापन के अवसर पर कॉलेज के बीबीए कक्ष में पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जागरूकता कार्यशाला के भाषण प्रतियोगिता में दिल्ली यूनिवर्सिटी राजनीति विज्ञान की छात्रा खुशी कुमारी ने भाग लिया और प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य लक्ष्मी नारायण ने बताया कि वन महोत्सव सप्ताह एक जुलाई से सात जुलाई तक मनाया जाता है, जहां वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को उजागर करने का यह उत्कृष्ट अवसर है। इस समयावधि में कॉलेज कैंपस में कई पौधे लगाए जाते रहे। उन्होंने बताया कि इस दौरान कॉलेज परिसर में 50 से अधिक फलदार वृक्ष लगाया गया हैं।

कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजनों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाना, पर्यावरण संतुलन को बनाये रखने के लिए वृक्ष लगाना, अपने पड़ोसियों को भी वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करना तथा लगाए गये वृक्षों का सही ढंग से संरक्षण करना हैं। उन्होंने उपस्थित छात्रों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलायी। कार्यशाला में प्रोफेसर इंचार्ज गोपाल प्रजापति ने कहा कि वन महोत्सव सप्ताह के माध्यम से युवाओं में वनों की कटाई को रोकने और वनों के महत्व के बारे में जागरूकता प्रदान करना हैं। कहा कि प्रकृति की सुरक्षा पेड़ पौधों से है।

प्रकृति को बचाना हम सबों का नैतिक कर्तव्य है। कहा कि वृक्षों की अवैध कटाई से पर्यावरण संतुलन बिगड़ गया हैं और मानव जीवन व् प्रकृति जगत में विचरण कर रहे पशु पक्षियों का जीवन संकट में आ गया हैं। उन्होंने छात्रा जागृति कुमारी द्वारा एक पेड़ पिता के नाम लगाने के आह्वान की सराहना की। एक्यूआईसी इंचार्ज डॉ अरुण कुमार रॉय महतो ने कहा कि वन महोत्सव पेड़ों के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और आमजनों को पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में अधिक सक्रिय होने के लिए प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि विश्व के कुल क्षेत्रफल का कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्रफल में वृक्ष होना जरूरी है तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा। कहा कि वर्तमान में यह प्रतिशत मात्र 22 है।
डॉ एनएसएस प्रभारी डॉ प्रभाकर कुमार ने कहा कि वन महोत्सव जैव विविधता को बढ़ावा देता है। यह मानव स्वास्थ्य में सुधार लाता है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव सप्ताह एक महत्वपूर्ण अवसर है जो हमें अपने पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने और इसे संरक्षित करने के लिए प्रेरित करती है।

कार्यालय कर्मी रविंद्र कुमार दास ने कहा कि वन महोत्सव सप्ताह पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करता है। मौके पर अन्य वक्ताओं ने भी वन महोत्सव सप्ताह के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ हीं उपस्थित छात्र-छात्राओं ने भी वन महोत्सव के महत्व तथा इसे कारगर बनाने को लेकर प्रकाश डाला। कार्यशाला में एनएसएस के स्वयं सेवकों ने पोस्टर, स्लोगन तथा भाषण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण: हरित क्रांति, हरियाली से खुशहाली का संदेश देने का कार्य किया, जिसमें जागृति कुमारी, रेशमा परवीन, कोमल कुमारी, अंतरा कुमारी, सुधा कुमारी, खुशी कुमारी, शिव शंभु कुमार भारती, मोहिनी कुमारी, नीतू कुमारी, तनु कुमारी, कुमकुम सुनंदे, रोशनी कुमारी, ईशा कुमारी, मो. ताजुद्दीन अंसारी, राजीव कुमार बाउरी, प्रकाश कुमार, सूरज देव साव, आंचल कुमारी, सोनू कुमार शर्मा, आकांक्षा अग्रवाल, गुड़िया कुमारी, ऋषि कुमार रजवार, फिरदौस आदि शामिल थे।

इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता में प्रथम खुशी कुमारी, द्वितीय जागृति कुमारी, तृतीय अंतरा कुमारी, पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम अंतरा कुमारी, द्वितीय सुधा कुमारी, तृतीय कुमकुम सुनंदे, स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम मोहिनी कुमारी, द्वितीय तनु कुमारी, तृतीय रेशमा परवीन को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यशाला का संचालन डॉ प्रभाकर कुमार, धन्यवाद ज्ञापन डॉ अरुण कुमार रॉय महतो ने किया।

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