ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में व्यवहार न्यायालय तेनुघाट में जिला जज प्रथम फहीम किरमानी की अगुवाई में 8 जुलाई को मध्यस्थ अधिवक्ता और पैनल अधिवक्ता के साथ बैठक की गयी।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला जज प्रथम किरमानी ने मध्यस्थ अधिवक्ताओं को मध्यस्थता के सफल होने वाली कई जानकारियां दी। बताया कि किस तरह दोनों पक्ष को यह जानकारी दिया जाता है कि मुकदमे में किस तरह उन्हें परेशानी से जूझना पड़ता है। अगर दोनों पक्ष के बीच आपस में समझौता हो जाता है तो कई तरह की परेशानियों से दूर होना पड़ता है। जैसे लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से राहत मिलती है और खर्च भी कम होता है। साथ ही दोनों पक्ष में आपसी दोस्ताना भी बना रहता है।
मध्यस्थ अधिवक्ताओं को उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष में समझौता करने में सफल होने के लिए दोनों को समझाने में थोड़ा संघर्ष करना पड़ता है, मगर सफलता जरूर हाथ में लगती है। आगे और भी कई तरह बातें बताई जिसे मध्यस्थ अधिवक्ताओं को मध्यस्थता करने में सफलता मिल सकती है।
वही उन्होंने पैनल अधिवक्ताओं को बताया कि जो मुवक्किल अधिवक्ता रख पाने मे असमर्थ होते हैं, उन्हें न्यायालय द्वारा पैनल अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। पैनल अधिवक्ता भी मुवक्किल को न्याय दिलाने में काफी सहायक सिद्ध होते है। मध्यस्थ अधिवक्ताओं और पैनल अधिवक्ताओं से भी कई समस्याओं के बारे में सुना और उनकी समस्याओं का निदान करने को लेकर कई दिशा निर्देश दिए।
मंच संचालन तथा स्वागत भाषण अनुमंडल विधिक सेवा प्राधिकार समिति के सचिव सह एसडीजेएम रश्मि अग्रवाल ने करते हुए समस्याओं के समाधान को लेकर आश्वासन दिया। बैठक में मध्यस्थ अधिवक्ता राम बल्लभ महतो, तपन कुमार डे, राजीव कुमार तिवारी, बैद्यनाथ शर्मा, सुभाष कटरियार, महुआ कारक, विश्वनाथ, अरुण कुमार सिंह और बलविंदर सिंह, पैनल अधिवक्ता शैलेश कुमार सिन्हा, गिरिवर कुमार महतो, सुजीत कुमार जायसवाल, बिनोद कुमार गुप्ता, कल्याणी, पुष्पा हंस, प्रशांत पाल और नीरज कुमार मौजूद थे। वहीं दीपक कुमार गुप्ता, कृष्णा रजक, उपासी कुमारी, वीणा देवी, अतिशय आदि उपस्थित थे।
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