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सेन्टरींग प्लांट के ठेकाकर्मियों मे आंशिक खुशी-बीके चौधरी

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सेन्टरींग प्लांट मे ठेकाकर्मियों का कुछ ठेकेदार द्वारा बर्षों से आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा था।

उक्त जानकारी देते हुए जय झारखंड मजदूर समाज के कार्यालय मंत्री बी. के. चौधरी ने 6 जुलाई को बताया कि शोषण से मुक्ति हेतु सैकड़ो मजदूर ने जय झारखंड मजदूर समाज एवं झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन (गुरूजी) के नीति और नियत से प्रभावित होकर सदस्यता ग्रहण करने के पश्चात एक ठेकेदार द्वारा उनको प्रताड़ित करने के उद्देश्य से कुछ को काम से निकालने, कुछ को नियम के विपरीत नागर छत्तीसगढ स्थानांतरित का आदेश निर्गत करने इत्यादि प्रकार से डराने आदि।

धमकाने का दायरा बढ़ने के खिलाफ जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बी के चौधरी के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधिमंडल सेन्टरींग प्लांट के मुख्य महाप्रबंधक से मिलकर ठेकाकर्मीयों के इस प्रकार के पड़ताड़ना का शिकायत करने के बाद मजदूरों को थोड़ा-बहुत राहत मिला है। उन्होंने बताया कि पहले यूएसडब्लू से लगभग 5000/= एवं एसडब्लू से लगभग आधा वेतन यानी 9-10 हजार रूपया बैंक मे गये वेतन मे से निकाल कर ठेकेदार को देना पड़ता था, जिसपर सीजीएम सेन्टरींग प्लांट के हस्तक्षेप के कारण ठेकेदार को पैसा लौटाना मजदूरों ने पिछले दो महिना से बन्द कर दिया है।

इस बहुमूल्य खुशी मे आज सेन्टरींग प्लांट के मजदूरों ने युनियन कार्यालय पहुंचकर महामंत्री बी के चौधरी को पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा युनियन के प्रति आभार व्यक्त किया। युनियन महामंत्री चौधरी ने अपने संक्षिप्त संबोधन मे कहा कि युनियन का गठन 1992 मे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद एवं जय झारखंड मजदूर समाज के अध्यक्ष शिबू सोरेन के सुझाव पर किया गया था जो अभी भी गरीब असहाय मजदूरों के शोषण के खिलाफ प्रयत्नशील है।

समारोह मे मुख्य रूप से कार्यालय मंत्री आर बी चौधरी, राजेन्द्र प्रसाद, बारिया तेली, लक्ष्मण हेम्ब्रम, बिक्रम माझी, नागेश्वर महतो, चुन्नूलाल, प्रवीण सोरेन, लक्खी सोरेन, राजू मोहली, बिशाल कुमार कास्कू, लक्ष्मण मरान्डी, कृष्णा माझी, दीपक सोरेन, करण सोरेन, जयदीप मूर्मू, उमेश सोरेन, बीरेन्द्र माझी, फूलेस्वर हेम्ब्रम, छोटेलाल मरान्डी, मनीराम मरान्डी, राजकुमार मांझी, अब्दूल वाहिद आदि उपस्थित थे।

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