बरसात बाद कथारा कोलियरी में ऑपरेटर के अभाव में प्रोडक्शन होगा प्रभावित
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र में लगातार हो रहे सेवानिवृत्त के कारण श्रमिकों की संख्या घटती जा रही है। क्षेत्र का दो परियोजना कथारा वाशरी एवं कोलियरी में वित्तीय वर्ष 2025-26 के आलोक में स्वीकृत मैन पावर के तहत बजट में जितने श्रमिकों की आवश्यकता है उससे कम श्रमिक दोनों परियोजना में वर्तमान में कार्यरत है। उक्त जानकारी इंटक से संबद्ध राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं बेरमो विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने 3 जुलाई को दी।
यूनियन नेता सिंह ने कहा कि हैवी व्हीकल डंपर का अवलोकन करें तो क्षेत्र के कथारा कोलियरी में सौ टन भार क्षमता का 18 डंपर ऑन रोल है, जिसमें 12 से 13 की संख्या में मशीन चालू हालत में उपलब्ध रहता है। प्रत्येक शिफ्ट में डंपर चालक की संख्या 9 अथवा 10 है। ऐसी स्थिति में कोलियरी का कोयला व् ओबी उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है। कहा कि पहले कुछ नए कामगारों को ऑपरेटर बनाने के लिए प्रबंधन द्वारा गंभीर पहल होता था, लेकिन इन दिनों ऑपरेटर बनाए जाने के प्रति प्रबंधन द्वारा कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा इस संदर्भ में सीसीएल के निदेशक मानव संसाधन को पत्र प्रेषित कर ऑपरेटर की कमी को दूर कर उत्पादन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील किया गया है। साथ ही कहा गया है कि पूरे सीसीएल में नए श्रमिकों को अभियान चलाकर डोजर ऑपरेटर, डंपर ऑपरेटर, ड्रिल ऑपरेटर, शॉवेल ऑपरेटर आदि की कमी को दूर करने की मांग की गयी है। साथ ही कहा गया है कि उत्खनन विभाग में कुछ मशीन ऐसे हैं, जिसे कौन चलाएगा यह डिफाइन नहीं है। जैसे कथारा कोलियरी के बेस वर्कशॉप में टायर हैंडलर बैटरी उठाओ चढ़ाव मशीन तो कंपनी में है, लेकिन किस पद नाम के कर्मी उसे संचालित करेंगे, यह कहीं जिक्र नहीं है। प्रबंधन द्वारा इस पर ध्यान देकर ठोस निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है।
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