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डिलीवरी के बाद पेट में प्लेसेंटा छोड़ दिए जाने से कसमार की निशा की गई जान

एसएनएमएमसीएच धनबाद के डॉक्टर की लापराही उजागर

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। एएनएमएमसीएच धनबाद में डॉक्टरों की लापरवाही से एक प्रसूता की जान चली गई।
जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के चट्टी रहिवासी 24 वर्षीया निशा दत्ता की रांची के रिम्स में बीते 26 जून की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। निशा को लगभग एक माह पहले 27 मई को सिजेरियन डिलीवरी के लिए धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) में भर्ती कराया गया था, जहां डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने प्लेसेंटा (गर्भनाल का हिस्सा) पेट में ही छोड़ दिया था।

मृतका के पति राजू दत्ता ने बताया कि बीते 27 मई को प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी को एसएनएमएमसीएच धनबाद के स्त्री रोग विभाग में डॉ राजलक्ष्मी तुबिद की यूनिट में लेकर गए थे। बताया कि सिजेरियन डिलीवरी से निशा ने बेटे को जन्म तो दिया, लेकिन 28 मई से ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। यूरिन रुक-रुक कर पास हो रहा था और उसकी हालत लगातार खराब होती गई। स्थिति गंभीर होने पर उसे रिम्स रेफर किया गया, जहां जांच और इलाज की लंबी प्रक्रिया के दौरान अंततः अल्ट्रासोनोग्राफी से यह सामने आया कि उसके शरीर में प्लेसेंटा फंसा है।

रिम्स के डॉक्टरों के अनुसार, प्लेसेंटा यूरिन नली के पास फंसा था, जिसके कारण यूरिन पूरी तरह बंद हो गया और दोनों किडनी खराब हो गई। तीन सप्ताह तक इलाज के बाद 26 जून की रात अंततः निशा ने दम तोड़ दिया। निशा की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण एसएनएमएमसीएच धनबाद के चिकित्सकों के खिलाफ आक्रोशित है।

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