प्रहरी संवाददाता/गोमिया (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में नक्सल प्रभावित झुमड़ा इलाके में सरकार द्वारा विकास मद में करोड़ो खर्च के बावजूद परिणाम शून्य है। कारण यह कि यहां के रहिवासियों के लिए न तो ढंग की सड़के मयस्सर है, न हीं चिकित्सा व् शिक्षा की सुविधा। यही कारण है कि अबतक झुमड़ा क्षेत्र के रहिवासी विकास से कोसो दुर है और अब भी अपने पारंपरिक तौर तरीको से गुजर बसर करने को विवश है।
जानकारी के अनुसार जिले के झुमरा पहाड़ के बलथरवा गांव के समीप हरैयाडीह में बीते 26 जून को अचानक एक महिला की तबियत बिगड़ने पर एंबुलेंस सुविधा के अभाव में गांव की महिलाओं ने उसे खटिया पर लिटा कर सड़क तक पहुंचाया। बीमार महिला की सहायता के लिए उस वक्त गांव में एक भी पुरुष नहीं थे।
ज्ञात हो कि, हमारा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, लेकिन, आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां अस्पताल तक पहुंचने के लिए रहिवासियों को सोचना पड़ता है। बताया जाता है कि महिलाएं लगभग आधा किलोमीटर की दूरी तय कर पास के गांव बलथरवा पहुंची, जहां से पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल महिला का इलाज चल रहा है।
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