दिव्यांग बच्चों के रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ दिव्यांगों का जीवन रहस्य पुस्तक का विमोचन
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो के सेक्टर पांच स्थित आशालता के प्रांगण में विश्वप्रसिद्ध प्रेरणास्त्रोत हेलेन केलर की जयंती 2- जून को उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें उन्होंने हेलेन केलर के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर सभी उपस्थित जनों को अभिभूत कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बताया कि हेलेन केलर का जन्म 27 जून 1880 को हुआ था। वे देख, सुन और बोल नहीं सकती थीं, फिर भी उन्होंने इन चुनौतियों को कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि संपूर्ण विश्व को यह सिखाया कि आत्मबल और दृढ़ संकल्प से हर बाधा को पार किया जा सकता है।
इस विशेष अवसर पर क्षेत्र की समाजसेविका ज्योतिर्मा देरणा द्वारा लिखित पुस्तक दिव्यांगों का जीवन रहस्य का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक दिव्यांगजनों के संघर्ष, सपनों और सामाजिक स्वीकार्यता पर आधारित है, जो राजस्थान के जोधपुर के अनुभवों पर केंद्रित है। इस किताब के माध्यम से उन्होंने समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया कि दिव्यांगता कोई सीमा नहीं, बल्कि संघर्ष से भरी प्रेरणादायक यात्रा का नाम है।
कार्यक्रम में आशालता निदेशक बी.एस. जायसवाल, अधिशासी निदेशक एम. प्रसाद, प्राचार्य पी.के. दुबे, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर मोहन आज़ाद सहित सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन सच्चिदानंद सिंह ने किया। इस अवसर पर सभी दिव्यांग बच्चों के बीच मिठाइयाँ वितरित की गईं और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी गईं। पूरे आयोजन ने यह सिद्ध किया कि आत्मविश्वास और समर्थन से हर दिव्यांग बच्चा अपने भीतर छिपी अद्भुत क्षमताओं को दुनिया के सामने ला सकता है।
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