एस. पी. सक्सेना/बोकारो। हाय री तकदीर, जब बारिश नहीं तो बोकारो जिले के ग्रामीण हलको के किसान परेशान और जब बारिश हो तो सड़को पर बाढ़ की स्थिति से ग्रामीण रहिवासी परेशान। सरकारी अधिकारी ग्रामीणों की सुनते नहीं और पंचायत की मुखिया लगभग 15 किलोमीटर दुर प्रखंड कार्यालय के समीप रह रही हैं, ऐसे में रहिवासी किसे अपना दुखड़ा सुनाये।
यह हाल है बोकारो जिला के ग्रामीण हलको का जहां 27 जून को दिनभर हुई झमाझम बारिश से जिला के हद में गोमिया प्रखंड के सुदूर नक्सल प्रभावित लोधी गांव की सड़के बाढ़ में तब्दील हो गयी। कई राहगीर अपनी दोपहिया सहित गिरकर आहत हुए, तो दो टोलों में विभक्त ग्रामीण रहिवासी परेशान हाल दिखे।
लोधी रहिवासी मो. कौशर उर्फ लखन के अनुसार यहां जब भी बारिश होती है तो गांव की सड़को में पानी भर जाता है। जिसके कारण सड़के जगह जगह टूटकर गड्ढे में तब्दील हो गया है। कहा कि बारिश के दौरान यहां के ग्रामीण पुरी तरह रहिवासी बेवस हो जाते है। इस दौरान राहगीर गिरकर घायल भी होते रहते है। उन्होंने झारखंड सरकार व् बोकारो जिला प्रशासन से सड़क किनारे नाली निर्माण तथा सड़को को उंचा करने की मांग की है।
स्थानीय रहिवासी मो. इदरीश बताते है कि ग्रामीणों की समस्या समाधान की किसी को फिक्र नहीं है, जिसके कारण बिना बारिश के हीं यहां के सड़को पर हमेशा पानी बहता रहता है। उन्होंने इसके लिए स्थानीय मुखिया को जिम्मेवार बताया। कहा कि लोधी पंचायत की मुखिया कभी कभार गांव के स्कूल, पंचायत सचिवालय आदि में आयोजित कार्यक्रमों में हीं दिखती है, जबकि अधिकांश समय वह प्रखंड कार्यालय गोमिया के समीप अपने आवास में रहती है। जिस कारण यहां की सड़के जर्जर व् बदहाल है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस ओर गंभीरतापूर्वक ध्यान देने की मांग की है।

कुछ इसी प्रकार के विचार ग्रामीण रहिवासी पंचायत समिति सदस्य ऐनुल अंसारी, दिल मोहम्मद, गुलाम मुस्तफा, मो. इमरान अंसारी, अब्दुल रहमान, माधव मियां उर्फ सरपंच, हकीमुद्दीन, जुल्फीकार उर्फ भुट्टू, शकुर अंसारी, सरफुद्दीन, जियाउल हक, हाफिज साबिर, अलीम, शमीम, अयूब, अमिरुद्दीन, कबीर, नसीरुद्दीन, इदरीश, अलीमुद्दीन, नसीमा खातून, गुलशन आरा, नजमा खातून, तबस्सुम, मरिमा खातून, एकलीमा खातून आदि ने व्यक्त किया है।
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