एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। कहानीका हिंदी पत्रिका के झारखंड अध्याय द्वारा बीते 26 जून की संध्या योग एवं संगीत दिवस पर एक ऑनलाइन आभासी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। अध्यक्षता प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने किया।
योग संगीत एवं वैदिक संस्कृति कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय कवि संगम झारखंड इकाई के प्रांतीय महासचिव सरोज झा , विशिष्ट अतिथि सभाध्यक्ष दिनेश रविकर प्रांतीय काव्य गुरु, राष्ट्रीय कवि संगम झारखंड ईकाई ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि झा ने अपने संबोधन में भारत के योग संगीत और संस्कृति पर अपना विचार प्रस्तुत किया और बेहद संदेशपूर्ण गजल पाठ कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच संचालन डॉ नीलू शुक्ला समीर (भोपाल, एमपी) ने किया। यहां सरस्वती वंदना डॉ नीलू शुक्ला, गणेश वंदना शीला तिवारी, स्वागत गीत ममता और देवी गीत श्याम कुंवर भारती अपनी मधुर आवाजों में प्रस्तुत किया।
मौके पर डॉ श्याम कुवार भारती ने अपनी ओजपूर्ण कविता योग है जीवन की डोर, मन की सच्ची शांति का छोर से तालियाँ बटोरी। एन के निराला पाठक की भावनात्मक प्रस्तुति संगीत वो साधना है, जो आत्मा से संवाद करे ने दर्शकों की आँखें नम कर दी। डॉ प्रीतम कुमार झा ने योग पर हास्य व्यंग्य रचनाएँ सुनाकर श्रोताओं को हँसी से लोटपोट कर दिया।
अपने संबोधन में दिनेश रविकर ने योग पर सारगर्भित ज्ञान से ओत प्रोत रचना के साथ उद्वोधन ही नहीं अपितु संगीत के विभिन्न रागो का योग के साथ तारतम्य स्थापित करते हुए अनोखी रचनाये प्रस्तुत करते हुए युवा पीढ़ी को सन्देश दिया।
साथ ही भारतीय संस्कृति की महानता और संस्कारों के समावेश पर भी ज्ञान प्रदान किया। उन्होंने कहा कि योग ने विश्व में भारत की साख में चार चाँद लगाये हैं। हमें हमारी युवा पीढ़ी को योग संगीत वैदिक संस्कृति का अध्ययन करना चाहिए, तभी भविष्य सुरक्षित है। अपने कहानिका व् संस्था के सामाजिक और साहित्यिक कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है। साहित्य के माध्यम से समाज को जाग्रत किया जाना चाहिए जो भारती जी कर रहे हैं।
प्रधान संपादक श्याम कुंवर भारती ने कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि संस्था का आगामी अखिल भारतीय कवि सम्मेलन उत्तराखंड के हरिद्वार में आगामी 12 जुलाई को होने जा रहा है। कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना के शौर्य का उत्साहवर्धन हेतु सांझ काव्य संकलन का प्रकाशन किया जा रहा है।
आयोजित काव्य पाठ में देश भर के कई वरिष्ठ और प्रतिष्ठित कवियों और कवयित्रियों ने भाग लेकर अपने हृदय का उदगार व्यक्त कर श्रंद्धाजलि स्वरूप काव्य पाठ किया। कवियों में मुख्य रूप से मकस कहानिका झारखंड अध्याय के सभी आयोजन समिति सदस्य राज्य प्रभारी एन. के. पाठक निराला, ममता झा, शिखा गोस्वामी, मधुमिता साहा, विभा तिवारी, सुधीर श्रीवास्तव, अंबिका झा, नीता माथुर, डॉ प्रतिभा प्रकाश, गुड्डू अनिल, सुधा पांडेय, शशि जैसवार, बिनीता पांडेय, डॉ माया शुक्ला, डॉ उर्मिला सिन्हा, नन्द किशोर खुने, तारा चंद महतो, मनीष तायवाडे, दिवाकर पाठक ‘विद्यार्थी’ ने भाग लिया।
![]()













Leave a Reply