एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड के पुर्व मंत्री बंधु तिर्की और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बयान पर कांग्रेस पार्टी को नगड़ी में रिम्स-2 के लिए कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पुलिस संरक्षण में नगड़ी की कृषि योग्य भूमि की घेराबंदी कांग्रेस के दोहरे चरित्र को दर्शाता है।
उपरोक्त बातें 22 जून को झारखंड के नगड़ी में रिम्स 2 के निर्माण पर कांग्रेसी नेता व् पुर्व मंत्री बंधु तिर्की द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन कि नगड़ी में रिम्स 2 का निर्माण रद्द किया जाए और दुसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी द्वारा कहना कि रिम्स-2 हर हाल में बनेगा और यह सरकारी जमीन पर होगा, पुलिस संरक्षण में नगड़ी की कृषि योग्य भूमि की घेराबंदी शुरू कराने पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र सामने आने पर आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कही।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विरोधाभासी बयानों की वे निंदा करते हुए आदिवासी और रैयत समुदाय के हितों की रक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग करते है। नायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को नगड़ी में रिम्स-2 के लिए कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कहा कि एक ओर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी दावा करते हैं कि रिम्स-2 हर हाल में बनेगा और यह सरकारी जमीन पर होगा, वहीं दूसरी तरफ पुलिस संरक्षण में नगड़ी की कृषि योग्य भूमि की घेराबंदी शुरू कराते है।
नायक ने इसे दोहरा चरित्र और आदिवासी-विरोधी नीति करार देते हुए कहा कि नगड़ी में आदिवासियों और मूलवासियों की कृषि योग्य भूमि को जबरन अधिग्रहण करने की कोशिश की जा रही है, जो उनकी आजीविका और सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को वाकई जनता की चिंता है, तो स्वास्थ्य मंत्री और अन्य नेता नगड़ी पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक करें और समाधान निकालें।
नायक ने कांग्रेस के भीतर आदिवासी हितों की अनदेखी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंधु तिर्की और इरफान अंसारी का बयान विरोधाभासी और भ्रम फैलाने वाला है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से मांग की कि वह अपनी नीति स्पष्ट करे और आदिवासी समुदाय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाए। साफ करे कि बंधु का बयान सही है या फिर इरफान अंसारी का बयान।
नायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नगड़ी में कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण रद्द नहीं किया गया, तो आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच रांची के किसानों-रैयतों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन और आजीविका से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने साफ शब्दो मे कहा कि आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच आदिवासियों और रैयतों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। नायक ने स्पष्ट किया कि नगड़ी का मुद्दा केवल भूमि अधिग्रहण का नहीं, बल्कि आदिवासी पहचान, संस्कृति और आजीविका का सवाल है।
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