गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिवान जिला में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जहां पटना गोरखपुर बंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वही 20 जून को उन्होंने हाजीपुर सुगौली रेल मार्ग के वैशाली देवरिया रेलखंड के बीच नई रेल लाइन पर सवारी गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विदित हो कि, कुल 171 किलोमीटर लंबी हाजीपुर सुगौली रेल लाइन परियोजना की मंजूरी वर्ष 2003 में तब के वाजपेयी सरकार द्वारा दी गई थी। स्वयं प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 10 फरवरी 2004 को हाजीपुर सुगौली रेल मार्ग का शुभारंभ किया था। उस समय इस रेल परियोजना की लागत मात्र 508 करोड़ रूपया तय था। लेकिन, वाजपेयी सरकार के पतन के बाद मनमोहन सिंह की कांग्रेस की सरकार ने हाजीपुर सुगौली रेल परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
जब पुनः वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आई तो इस परियोजना पर कार्य शुरू किया गया और सन् 2020 में हाजीपुर से वैशाली के बीच नई रेल लाइन पर सवारी गाड़ी का चलन शुरू किया गया। वैशाली से देवरिया के बीच 30 किलोमीटर रेल मार्ग के निर्माण पर 403 करोड़ रूपया का खर्च आया।लेकिन, देवरिया से सुगौली के बीच रेल परियोजना का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है।
हाजीपुर से देवरिया तक इस रेल लाइन के चालू हो जाने से वैशाली जिला, मुजफ्फरपुर जिला, सारण, सिवान, गोपालगंज और चम्पारण के रहिवासियों को एक सस्ती सवारी की सुविधा प्राप्त हो गई है। इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए भारत सरकार ने इस वर्ष के बजट में 2 लाख करोड़ रूपया से अधीक का बजट आवंटन किया है, जिससे आशा है कि वर्ष 2026 तक हाजीपुर से सुगौली रेल मार्ग का काम पूरा हो जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से गंडक नदी के किनारे के वैशाली, मुजफ्फरपुर व् पश्चिम चंपारण के साथ ही सारण, सिवान और गोपालगंज के आम जनों को अच्छी रेल सुविधा मिल जाएगी। साथ ही वैशाली का संपर्क पूरे देश के शहरों से रेल मार्ग से जुड़ जाएगा।
हाजीपुर-सुगौली नई रेल लाइन परियोजना के 22 वर्षों से चल रहा प्रयास अब जाकर फलिभूित हुआ है। आज इस रेल लाइन के शुभारंभ के लिए पैसेंजर ट्रेन को सजाकर देवरिया में रखा गया था। प्रधानमंत्री के हरी झंडी दिखाते समय इलाके के सारे गणमान्य मौजूद रहें। उनके हरी झंडी दिखाते ही वैशाली से मुजफ्फरपुर के देवरिया रेलवे स्टेशन तक 29 किलोमीटर रूट पर ट्रेन चलने लगी। वैशाली ओर देवरिया के बीच के पारू, सरैया स्टेशन पर भी इस ट्रेन के स्वगत के लिए बड़ी संख्या में गणमान्य व् रहिवासी मौजूद थे।
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