एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में कहर बनकर बरस रही है लगातार हो रही बारिश। राज्य की छोटी-बड़ी नदियां उफान मार रही है। जगह-जगह घरों में पानी घुसा है। राज्य की पुल, पुलिया, डायवर्सन, कच्ची सड़क धंसने, विधुत आपूर्ति ठप्प होने से जनजीवन बेहाल है। सरकार तुरंत मामले में संज्ञान ले और त्वरित बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरु करे।
उपरोक्त बातें 19 जून को आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने झारखंड में भारी बारिश से हुए जनजीवन अस्त व्यस्त होने पर प्रतिक्रिया मे उक्त बाते कही। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलो मे भारी बारिश ने जनजीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। कई जिलो मे छोटी-बड़ी नदियां भंयकर उफान मार रही है। घरों में पानी घुस रहे है। पुल, पुलिया, डायवर्सन, कच्ची सड़क धंस रही है, जिसका खामियााज़ा आम जनो को भुगतना पड़ रहा है। राज्य में आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है।
नायक ने बताया कि झारखंड के तोरपा-सिमडेगा रोड का एक पुल भारी बारिश में धंस गया है, जिसमें एक ट्रक फंस गया है। पुल के धंसने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। पुल के धंसने से तोरपा और सिमडेगा के बीच यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। वही सूबे की राजधानी रांची में भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है और पानी घुटने तक भर गया है। कहा कि राँची में भारी बारिश से कई घरों में पानी घुस गया है। उन्होंने कहा कि बीते 17 जून से शुरू हुई बारिश ने झारखंड के रहिवासियों का हाल बेहाल कर दिया है। शहर हो या गांव हर जगह आम जनजीवन प्रभावित हो गया है।
लगातार हो रही बारिश की वजह से प्रदेश के विभिन्न जिलों में बहने वाली छोटी-बड़ी नदियां उफान मार रही हैं। कहीं सड़क धंसा, तो कहीं घरों में पानी घुसा। राज्य के सभी जिलो के मेन रोड में भारी जल जमाव होने से पुल पुलिया का अप्रोच पथ पूरी तरह कट गया है। जिससे मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन ठप्प हो गया है।
नायक ने कहा कि राजधानी रांची में बीते 18 जून को दिनभर हुई भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। नामकुम स्थित रियाड़ा गली में नाली निर्माण के दौरान बिजली का तार गिरने से दो कुत्तों की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में दहशत का कारण बनी रही। उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या की शिकायत भी है। कही कही पेड़ की डाली गिरने से बिजली आपूर्ति ठप रही। कही बिजली आई, लेकिन आंख-मिचौली जारी रही।
नायक ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अनुरोध किया कि वे इस प्रकृतिक आपदा से जनता को राहत दिलाने हेतु एक मोनिटरिग आपदा सेल का तुरंत गठन करे। राज्य स्तरीय और जिला स्तर पर जिसमे राज्य के सभी उपायुक्त, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, बिजली विभाग, नगर निगम, आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ के पदाधिकारी शामिल किए जाए और खुद मोनिटरिग करे तथा जनता को एक हर जिले मे मोबाइल नंबर उस सेल का प्रसारित करे, ताकि आम जन को जानकारी हो सके। जनता को इस प्रकृतिक आपदा से राहत मिल सके। यह सेल पुरे मानसून बरसात तक कार्य करे।
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