सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में गुवा सेल प्रबंधन लीज क्षेत्र में वर्षो से लगातार निमार्ण कर रहे दर्जनों क्षेत्रों के रहिवासियों को चिन्हित किया गया है। जिसमें गुवा क्षेत्र के नानक नगर, ढीपा साईं, स्टेशन कॉलोनी, पुट साइडिंग क्षेत्र, डीबी क्षेत्र, डीवीसी सब स्टेशन, जाटाहाटिंग, पंचायत भवन क्षेत्र शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार सेल प्रबंधन ने बीते 14 जून को नोटिस के माध्यम से सेल के जमीन पर निर्माण कर रह रहे रहिवासियों को घर खाली करने का अंतिम चेतावनी दी गई है। इससे विस्थापित काफी चिंतित है। सेल प्रबंधन ने नोटिस के माध्यम से चेतावनी दी है कि जिन्हें चिन्हित किया गया है वे एक सप्ताह के अंदर अपने घरों को खाली कर दे। जिनके घरों को चिन्हित किया गया है उन्हें विस्थापन नीति के तहत वैध रूप से सेल ऑफिस आकर घर का चाबी ले ले। अन्यथा अतिक्रमण मुक्त नहीं करने पर उनके उपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सेल प्रबंधन के इस सूचना को लेकर गुवा बाजार स्थित ढ़ीपा साई में बीते 14 जून की देर शाम नानक नगर और ढीपा साईं के सैकड़ों ग्रामीण रहिवासियों ने एक आपातकालीन सामूहिक बैठक की। बैठक की अध्यक्षता झारखंड मजदूर यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार ने की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विस्थापन की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय रहिवासियों की बात सुनी जानी चाहिए। इसके लिए सेल गुवा प्रबंधन व बोकारो इस्पात संयंत्र से दो प्रमुख मांगें की जाएंगी, जिसमें विस्थापन के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।
फिर से सर्वेक्षण कर वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच की जाए, ग्राम सभा कर यहां के रहिवासियों को विस्थापित की जाए, जिस जगह रेलवे विस्थापितों को बसा रही है, उस जगह का सेल प्रबंधन द्वारा लिखित दिया जाए, ताकि वहां से भी रेलवे विस्थापित ना करें। बैठक में उपस्थित विस्थापितों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि जब तक इस समस्या का स्थायी और न्यायोचित समाधान नहीं हो जाता, तब तक सभी एकजुटता और संगठनबद्ध रहेंगे। बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने यह स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनके मौलिक अधिकारों की अनदेखी कर विकास थोपा नहीं जाना चाहिए।
यदि विस्थापन अपरिहार्य है, तो पुनर्वास की समुचित योजना और वैकल्पिक आवास पहले सुनिश्चित किया जाए। कहा गया कि गुवा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर जो स्थिति बनी है, वह सिर्फ जमीन का सवाल नहीं, बल्कि न्याय, मानवाधिकार और विकास के संतुलन की भी परीक्षा है। महामंत्री हेमराज सोनार ने कहा कि सेल प्रबंधन फिर से सर्वे कर सही विस्थापितों को घर मुहैया करवाए।
इसके लिए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 16 जून को 10 विस्थापितों की कमेटी बनाकर झारखंड मजदूर यूनियन के नेतृत्व में सेल प्रबंधन से वार्ता की जाएगी। कहा गया कि सेल प्रबंधन द्वारा सर्वे में छूट गए विस्थापितों का नाम पुन: सर्वे कर लिस्ट में शामिल किया जाए, अन्यथा सभी विस्थापित घर को खाली नहीं करेंगे। बैठक में झारखंड मजदूर यूनियन के महामंत्री हेमराज सोनार, पूर्व मुखिया कपिलेश्वर दोंगों, झामुमो के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुभाष दास, बेरोजगार संघ के अध्यक्ष उदय सिंह, चुन्नू सिंह सहित काफी संख्या में विस्थापित रहिवासी उपस्थित थे।
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