Advertisement

नवीन जैसा होनहार छात्र समाज के प्रेरक, छात्रों को प्रेरणा लेने की जरूरत-डॉ आशुतोष

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर के पहाड़ीचक रहिवासी नवीन प्रकाश का चयन भारतीय आर्मी के लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ है। उसके सेना के पदाधिकारी के रूप में चयन से क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है।

भाजपा युवा मोर्चा के सह क्षेत्रीय प्रभारी डॉ आशुतोष कुमार रितेश ने बीते 13 जून को बाबा हरिहरनाथ का प्रतीक चिन्ह देकर नवीन प्रकाश को सम्मानित किया। रितेश ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि ऐसे होनहार विद्यार्थी समाज के प्रेरक हैं, इनसे सभी विद्यार्थियों को प्रेरणा लेने की जरूरत है। कहा कि साधारण व्यवस्था में भी सच्ची लगन से बच्चे उच्च स्थान प्राप्त कर सकते हैं।

बधाई देने वालों में भाजपा नेता व बाबा हरिहरनाथ मन्दिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष बिनोद सम्राट, पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आलोक चन्द्रा, अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय सोनपुर के सहायक अभियोजन पदाधिकारी विजय शंकर, एन्टी क्राइम के राज्य प्रभारी अभिमन्यु सिंह टुनटुन, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह बबलु, विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक यशवंत कुमार, दिव्यांशु गौतम, जयन्त कुमार सिंह, शैलेश शर्मा, रंजीत कुमार आदि शामिल थे।

बताया गया कि नवीन प्रकाश ने एनडीए में पूरे देश मे 9वां रैंक लाकर सोनपुर ही नही बल्कि सारण जिला के साथ-साथ बिहार का नाम भी रौशन किया है। सरकारी शिक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह के जेष्ठ पुत्र नवीन प्रकाश की प्रारंभिक शिक्षा सोनपुर के मैक्सवेल हाई स्कूल से हुई। उसके बाद उन्होंने अपना नामांकन प्रतियोगिता के माध्यम से सैनिक स्कूल गोपालगंज में कराया।

वहां से इंटरमीडिएट पास करने के बाद दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। आर्मी में चयन के पूर्व उन्होंने कई और प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया जिसमें फरवरी माह में भारतीय नौसेना के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) अधिकारी के पद पर भी उनका चयन हुआ था, लेकिन आर्मी में लेफ्टिनेंट पद पर चयन के बाद उसने देश सेवा का निर्णय लिया।

नवीन की इस सफलता पर भाजपा युवा मोर्चा के सह क्षेत्रीय प्रभारी डॉ आशुतोष कुमार रितेश ने बाबा हरिहरनाथ का प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित कर बधाई देते हुए कहा कि ऐसे होनहार विद्यार्थी समाज के प्रेरक हैं। इनसे सभी विद्यार्थियों को प्रेरणा लेने की जरूरत है। कहा कि आज भी साधारण व्यवस्था में भी सच्ची लगन से बच्चे उच्च स्थान प्राप्त कर सकते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण नवीन है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *