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मजदूर किसान के मसीहा बाबा बरमेश्वर उर्फ मुखियाजी की मनायी गयी पुण्यतिथि

एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में फुसरो नगर परिषद क्षेत्र के हिन्दुस्तान पुल के समीप एक जून को किसान और मजदूरो के मसीहा बाबा बरमेश्वर उर्फ मुखियाजी की 13वीं पुण्यतिथि मनाई गई।

बरमेश्वर मुखिया की पुण्यतिथि के अवसर पर उपस्थित गणमान्य जनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर समाजसेवी चुन्नू सिंह ने कहा कि ब्रह्मेश्वर मुखिया कभी भी दलित या कमजोर वर्ग का विरोध नहीं किया। उन्होंने जीवन पर्यंत किसान मजदूर को हक दिलाने का प्रयास करते रहे। लेकिन उग्रवादी तत्वों ने गरीबों का चेहरा दिखाकर उनके नाम पर लेवी वसूलने का काम किया करते थे। जबरन जमीन कब्जा का गोरख धंधा किया करते थे। मुखिया ने वैसे तत्वों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

चुन्नू ने कहा कि जिस प्रकार हमेशा गरीबों का चेहरा दिखा कर सफेद पोस गोरख धंधा किया करते हैं, आज भी अगर समाज पर वैसे तत्व इस तरह का कार्य करेंगे तो जवाबी कार्रवाई होगी। कहा कि असामाजिक तत्व हमारे समाज को बदनाम करने का कार्य करते हैं। हमारा इतिहास रहा है पटना के गांधी मैदान मेरे ही जमीन पर है। काशी हिंदू यूनिवर्सिटी जैसी संस्था हमारे पूर्वजों का दिया हुआ जमीन पर है। लंगत सिंह कॉलेज मुजफ्फरपुर मेरे पूर्वजों का ही है। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉक्टर श्रीकृष्णा सिंह ने ही दलितों को बाबा बैजनाथ मंदिर में पूजा करने का अधिकार दिलवाया था।

लेकिन कुछ षड्यंत्रकारी हमारे समाज को बदनाम करने में लगे रहते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि हमारे पूर्वज ने दलितों को बसाने का काम किया है। समाजसेवी मिथिलेश शर्मा और दिलीप शर्मा ने शोषण अन्याय के खिलाफ संघर्ष से जुड़ी बरमेश्वर मुखिया के जीवनी के बारे में बताया। साथ हीं कहा कि समाज में ऐसे महापुरुषों का रहना जरूरी है। इस अवसर पर समाजसेवी मिथिलेश शर्मा, दिलीप शर्मा, चुन्नू सिंह, प्रशांत चौधरी, चीकू शर्मा, धीरज सिंह, रवि शर्मा, रणजीत सिंह, विनोद सिंह सहित दर्जनों गणमान्य उपस्थित थे।

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