एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड के पालोजोरी सारठ में पुलिस हिरासत में क्रूरता से पिटाई के कारण मिराज अंसारी की मौत के दोषी हत्यारी पुलिस पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर दोषी पुलिस कर्मी को गिरफ्तार कर सेवा से बर्खास्त किया जाए। साथ हीं मृतक के आश्रित परिवार को एक करोड़ मुआवजा तथा परिवार के सदस्य को नौकरी दिया जाए।
उपरोक्त बाते 23 मई को पालोजोरी सारठ में पुलिस हिरासत में क्रूरता से पिटाई के कारण मिराज अंसारी की असमय मौत होने पर प्रतिक्रिया मे आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कही। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की हेमंत सोरेन सरकार मे मुस्लिम युवाओ की इरादतन हत्या की घटनाओं में बेतहासा वृद्धि हुई है। कहा कि इससे पूर्व भी बीते सप्ताह बोकारो जिला के हद में नावाडीह में भीड़ द्वारा अब्दुल कयुम की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी जो चर्चे में रही।
अभी कुछ दिन बीते भी नही कि पालोजोरी सारठ पुलिस द्वारा पीट पीटकर हत्या कर देना विधि व्यवस्था एवं कानून राज पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। जो राज्य के लिए अच्छी बात नही है।
नायक ने कहा कि जैसा कि जानकारी मिली है कि बीते 21 मई को पालोजोरी सारठ में पुलिस हिरासत में क्रूरता से पिटाई के कारण मिराज अंसारि की मौत होने पर मुस्लिम समाज में आक्रोश है कि दोषी पदाधिकारियों पर उचित कार्रवाई हो और परिजनों को इंसाफ मिले। साथ ही साथ मुआवजा मिले।
इसी मांग को लेकर बीते 22 मई को स्थानीय ग्रामीण थाना के समक्ष अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसी बीच ग्रामीण और प्रशासन आमने सामने हो गए। जिसके बाद वहां आंदोलन कर रहे 15 से 20 युवकों को प्रशासन द्वारा हिरासत में ले लिया गया। जिसकी आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच कड़े शब्दो मे निन्दा करता है। साथ हीं उक्त हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच की मांग करता है।
नायक ने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग मृत प्राय हो गया है जो आयोग अल्पसंख्यक समाज की रक्षा करने मे असमर्थ हो, वैसे आयोग को भंग कर देना चाहिए। जबकि, अल्पसंख्यक समाज के दो विधायक मंत्री पद पर विराजमान इरफान अंसारी और हफिजुल हसन उसी क्षेत्र से आते है। मृतक मिराज अंसारी के परिजनों को इंसाफ की तो बात दूर की है।
वहां जो ग्रामीण आंदोलन कर रहे थे, इंसाफ की गुहार लगा रहे थे। उन युवकों को हिरासत में ले लिया जाता है। पर अब तक इनका मुंह नहीं खुल रहा है। सिर्फ और सिर्फ आश्वसन दे रहे है। सरकार सोशल मीडिया पर रिलीज बनाने का कार्य कर समाज का हितैषी बनने का ढोंग कर रही है। उन्होंने साफ शब्दो मे कहा कि हितैषी बनने का ढोंग बंद किजिए और जो गलत सरकार मे गलत हो रहा है, उसको खुल कर गलत बोले और सही का साथ दे।
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