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पुलीसिया जांच से नाखुश दिवंगत विपुल के परिजनों ने लगायी सीएम से गुहार

आरोपियों की स्वीकारोक्ति बयान को ख़ारिज कर रहे हैं मृतक के परिजन

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बीते 29 अप्रैल की रात्रि बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के पिछरी रहिवासी 24 वर्षीय युवक विपुल मिश्रा की हत्या मामले में अबतक के पुलीसिया कार्रवाई से मृतक के परिजन काफी नाराज दिख रहे हैं।

परिजन आरोपियों की स्वीकारोक्ति को पुलिस द्वारा मामले को भर्मित करने तथा मामले की लीपापोती का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार यदि पुलिस मामले को सही से जांच कर कार्रवाई नहीं करती है तो वे इसे लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

ज्ञात हो कि, पिछरी रहिवासी विपुल कुमार मिश्रा की बीते 29 अप्रैल की देर संध्या डहरडीह में कलवर्ट (पुलिया) के समीप पेटरवार थाना क्षेत्र के विरहोरबेड़ा रहिवासी जगेश्वर नायक के पुत्र लखन नायक तथा कृष्णा नायक के पुत्र लेनिन राज नायक ने बुलाकर टांगी से हमला कर निर्मम हत्या कर दी थी।

पुलिस द्वारा घटना की रात्रि लखन नायक को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि लेनिन राज नायक ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त हथियार (टांगी) की बरामदगी कर लिया गया है, जबकि मृतक विपुल का मोबाईल बरामद नहीं किया जा सका है। कांड के अनुसंधानकर्ता पेटरवार थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सुनील कुमार पटेल ने दूरभाष पर बताया कि मामले में थाना में 30 अप्रैल को कांड क्रमांक-60/25 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1)/3(5) दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं।

आरोपियों की स्वीकारोक्ति बयान के अनुसार मृतक विपुल द्वारा आरोपियों को पूर्व में समय समय पर किस्तों में कुल तैतिस हजार रुपया दिया गया था, जिसमें सात हजार आरोपियों द्वारा वापस कर दिया गया था। बावजूद इसके मय ब्याज अब भी 40 हजार की मांग मृतक द्वारा की जाती थी। आरोपियों के अनुसार मृतक उससे कहीं भी और कभी भी बकाया पैसो की मांग करता रहता था, जिससे वे स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे थे। इस कारण आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी है। आईओ पटेल ने मृतक का मोबाईल बरामदगी के बावत बताया कि आरोपी जल्दबाजी में हत्या की घटना को अंजाम देकर वहां से भाग गये थे, इसलिए उक्त मोबाईल को बरामद नहीं किया जा सका है। पुलिस इसके लिए प्रयास रत है।

दूसरी ओर मृतक के पिता गुलचंद मिश्रा पुलिस की इस थ्योरी को सीरे से नकारते हुए 10 मई को आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस मामले में ढुलमूल रवैया अपना रही है। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र रांची के गोसनर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था, इसलिए पुलिस द्वारा यह कहा जाना कि आरोपियों को उनके पुत्र द्वारा कर्ज पर रुपया दिया गया था सरासर गलत और मनगढंत और सच्चाई से कोसो दुर है। उन्होंने बताया कि पुलिस को चाहिए कि उनके पुत्र का मोबाईल की बरामदगी के बाद सीडीआर जांच से हीं इस कांड का खुलासा हो सकता है।

अन्यथा इसका लाभ न्यायालय में आरोपियों को मिल सकता हैं। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र को उपरोक्त आरोपियों द्वारा फोन कर घटना स्थल पर बुलाया गया था। उनका पुत्र जब अपने वैगणार क्रमांक JH09Z/1554 से घटना स्थल पर पहुंचा इसके बाद आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। जबकि घटना के बाद से उनके पुत्र का एप्पल का मोबाईल (क्रमांक-8789881307) घटना के बाद से गायब है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मोबाईल बरामदगी के लिए किसी भी स्तर से प्रयास नहीं कर रही है। कहा कि उक्त मोबाईल की बरामदगी से हीं हत्याकांड का उदभेदन होने की संभावना है।

मृतक के पिता के अनुसार इसी प्रकार वर्ष 2009 के 11 नवंबर को उनके सगे भाई अरुण मिश्रा की भी हत्या कर दी गयी थी, जिसे लेकर पेटरवार थाना में कांड क्रमांक-82/09 भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 दर्ज कर पुलिस मामले की लीपापोती कर दिया गया। जिसके कारण उक्त कांड के तीन आरोपी साक्ष्य के अभाव में न्यायालय से बरी हो गये। कुछ यही हाल इस बार भी पुलिस द्वारा किया जा रहा है, ताकि आरोपी को फिर एकबार न्यायालय से लाभ मिल सके। लेकिन इसबार वे ऐसा नहीं होने देंगे।

मृतक के पिता गुलचंद मिश्रा के अनुसार अपने पुत्र की हत्या मामले की सच्चाई का पर्दाफाश होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वे जल्द हीं झारखंड के मुख्यमंत्री आवास पर घटना की फोरेन्सिक जांच, फिंगर प्रिंट की सीबीआई, सीआईडी तथा एनआईए जांच की मांग को लेकर पुरे परिवार के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अबतक ण तो कोई जनप्रतिनिधि अथवा सांसद व् विधायक द्वारा इस मामले में उनसे भेंट किया गया है। कहा कि हालांकि भाजपा नेता विक्रम पांडेय सहित समाज के प्रबुद्ध जन तथा ब्राह्मण समाज के उन्हें जानने वाले अबतक आकर सांत्वना दी गयी है।

मौके पर मृतक का भाई साहिल कुमार मिश्रा, समाजसेवी व् ग्रामीण बिरंची मिश्रा, बजरंगी मिश्रा, चीकू मिश्रा, ब्रजेश मिश्रा, ज्योतिष मिश्रा, अंगद मिश्रा, बबलू मिश्रा, अभिराम मिश्रा, रंजीत मिश्रा, अरबिंद मिश्रा, जयनंदन मिश्रा, अभिनंदन मिश्रा, पिंटू मिश्रा, अखिलेश मिश्रा, गणेश मिश्रा, मनीष मिश्रा आदि उपस्थित थे।

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