पवन एक्सप्रेस के अलावा 6 अन्य मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में भी लगेगा पार्सल वैन
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार की विश्व प्रसिद्ध मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर एवं अन्य क्षेत्रों की मीठी और रसीली लीची को अब देश के प्रमुख महानगरों तक ताजा स्थिति में पहुंचाने के लिए रेलवे ने एक महत्वपूर्ण योजना लागू की है। पूर्व मध्य रेल के हद में सोनपुर मंडल की इस पहल के अंतर्गत पवन एक्सप्रेस के साथ-साथ 6 अतिरिक्त मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में 24 टन क्षमता वाली पार्सल वैन जोड़ी गई है। इस वर्ष रेलवे ने 2000 टन लीची भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सोनपुर रेल मंडल के पीआरआई राम प्रताप सिंह ने 6 मई को उपरोक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर एवं अन्य क्षेत्रों से लीची को मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के बाजारों तक त्वरित और सुरक्षित रूप से पहुंचाना है। बताया कि पिछले वर्ष अत्यधिक गर्मी व कम उत्पादन के कारण केवल 689 टन लीची ही भेजी जा सकी थी। इस वर्ष रेलवे ने 2000 टन लीची भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह योजना न केवल किसानों को देशभर में बेहतर बाजार उपलब्ध कराएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी ताज़ा और स्वादिष्ट फल उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।
खास बात यह कि लीची परिवहन के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। जहां पहले केवल पवन एक्सप्रेस (ट्रेन क्रमांक 11062) में लीची लदान होती थी, अब 6 अन्य ट्रेनों में भी पार्सल वैन जोड़कर लीची लदान की उपलब्ध क्षमता 6 गुना बढ़ा दी गई है। इन ट्रेनों में ट्रेन क्रमांक 15267 (रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस) प्रत्येक शनिवार 24 टन प्रति सप्ताह कुल 96 टन।

ट्रेन क्रमांक 22553 (रक्सौल–लोकमान्य तिलक टर्मिनस अंत्योदय सुपरफास्ट एक्सप्रेस) प्रत्येक सोमवार 24 टन प्रति सप्ताह कुल 96 टन। ट्रेन क्रमांक 05557 (रक्सौल–लोकमान्य तिलक टर्मिनस) प्रत्येक मंगलवार 24 टन प्रति सप्ताह कुल 96 टन। ट्रेन क्रमांक 05585 (रक्सौल–लोकमान्य तिलक टर्मिनस) प्रत्येक शुक्रवार 24 टन प्रति सप्ताह कुल 96 टन।
ट्रेन क्रमांक 01044 (समस्तीपुर – लोकमान्य तिलक टर्मिनस) प्रत्येक बुधवार 24 टन प्रति सप्ताह कुल 96 टन तथा ट्रेन संख्या 05289 (मुजफ्फरपुर–पुणे) प्रत्येक सोमवार 24 टन प्रति सप्ताह, कुल 96 टन शामिल होगा। इन सभी ट्रेनों के माध्यम से कुल 576 टन लीची का परिवहन सुनिश्चित किया गया है।
पवन एक्सप्रेस से 744 टन लीची का लदान
जानकारी के अनुसार केवल पवन एक्सप्रेस (ट्रेन क्रमांक 11062) के माध्यम से 31 दिनों तक प्रतिदिन 24 टन लीची मुंबई भेजी जाएगी। पवन एक्सप्रेस में 10 दिन लूज रेल पार्सल बुकिंग होगी और बाकी दिन लीज बुकिंग की सुविधा होगी। इस प्रकार अकेले इस ट्रेन के जरिए 744 टन लीची का परिवहन होगा। इसके अलावा अन्य गंतव्यों की ओर 1,256 टन लीची भेजने की योजना मुंबई के अलावा, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे प्रमुख बाजारों के लिए सभी उपलब्ध ट्रेनों के माध्यम से विगत वर्ष कुल 689 टन की तुलना में इस वर्ष कुल 2100 टन लीची भेजे जाने की योजना बनाई गई है।
पीआरआई सिंह के अनुसार इस बार लीची व्यापारियों के लिए विशेष सुविधा का ख्याल रखा गया है, जिसके तहत मुजफ्फरपुर में डेडीकेटेड लीची पार्सल ऑफिस बनाया गया है। इस लीची ऑफिस में लीची को धूप से बचने के लिए सेट का निर्माण किया गया है। साथ हीं व्यापारियों और किसानों के लिए शेड का निर्माण किया गया है। लीची किसानों एवं व्यापारियों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
यूपीआई पेमेंट की सुविधा भी दी गई है। पैकिंग और लोडिंग के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई गई है।पार्सल ठेला और गाड़ियों को विशेष परमिट की व्यवस्था भी उपलब्ध है।
लीची पार्सल को स्कैनिंग शुल्क में रियायत दी गई है।
बताया गया कि डिवीजन में उनको राउंड द क्लॉक रेलवे असिस्टेंट देने के लिए मुजफ्फरपुर स्टेशन एवं डिवीजन में लीची किसने और व्यापारियों के लिए हेल्प डेस्क/हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था है।
एलटीटी सेंट्रल रेलवे से समन्वय के लिए सोनपुर मंडल और सेंट्रल रेलवे के बीच डेडीकेटेड टीम का गठन किया गया है, ताकि समय से लीची व्यापारियों एवं किसानों का माल जल्दी से उतर सके। इससे किसानों और उपभोक्ताओं को सीधा लाभ होगा। इस पहल से एक ओर जहां बिहार के लीची उत्पादक किसानों को देश के प्रमुख बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, वहीं उपभोक्ताओं को भी रसीली, ताज़ा और स्वादिष्ट लीची समय पर एवं उचित मूल्य पर उपलब्ध होगी। यह योजना कृषि परिवहन को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
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