करगली में कारो परियोजना के मुद्दों पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के करगली ऑफिसर क्लब मे 28 फरवरी को प्रबंधन और विस्थापितो कि महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कारो परियोजना द्वारा बैदकारो मौजा के अधिग्रहण किये गए भूमि के रैयतौं को रोजगार, गांव के विकास, असंगठित मजदूरो एवं आमजनो के 11 सूत्री मांगो पर चर्चा की गयी।
जानकारी के अनुसार आयोजित बैठक मे मांग पत्र पर दोनों पक्षों में साकारात्मक वार्ता हुई। इसमें विस्थापितों ने कहा कि प्रबंधन द्वारा 15 दिन का समय लिया गया है। अगर प्रवंधन लिए गए निर्णय पर कार्रवाई नहीं करती है तो विस्थापित अगला रणनीति बनाएंगे।
बैठक में बीएंडके क्षेत्र के एसओ पीएंडपी एस. के. झा, भू-राजस्व पदाधिकारी बी. के. ठाकुर, कारो पीओ एस. के. सिंहा, मैनेजर चिंतामणी मांझी सहित बैदकारो मुखिया सीमा महतो, वार्ड सदस्य यशोदा देवी, विस्थापित दिगंबर महतो, कार्तिक महतो, वासुदेव महतो, ईश्वर महतो, टेकलाल महतो, हरलाल महतो, फूलचंद महतो, किशोर महतो, राजेश महतो, जादू महतो, बैजनाथ महतो, प्रदीप महतो, आकाश महतो, मुकेश महतो, अर्जुन महतो, प्रीतम महतो, तुलसी महतो, जोगी महतो, चैता महतो, अशोक कुमार महतो, अर्जुन महतो, बंटी महतो, नंदकिशोर महतो, संजय महतो, महावीर महतो, राजू महतो, रामचंद्र महतो, रघु महतो, नागेश्वर महतो, रंजय महतो, माहरू महतो, घनश्याम महतो, पिकू महतो, पूनम देवी, पिंकी देवी, धानेश्वरी देवी आदि मौजूद थे।
विस्थापितों की मांगो में कारो परियोजना हेतु बैदकारो मौजा का जितना भूमि अधिग्रहण किया गया है, जैसे-रैयती, गैरमजरूवा, खास गैरमजुरवा, आम गैरमजुरवा, वन भूमि आदि जो बैदकारों मौजा को ग्रामिण नक्शा में प्राप्त है। कुल रकवा का पैकेज के आधार पर नियोजन दिया जाय। बैदकारों मौजा के जिन विस्थापितों का भूमि सत्यापित हो चुका है उसे अतिशीघ्र नियोजन दिया जाय एवं बाकी जमीनों का सत्यापन कराया जाय।
बैदकारों मौजा के भूमि जो पूर्व में अर्जित किया गया है जिससे बैदकारो गाँव विस्थापित हुआ है, उक्त गाँव लगभग 100 वर्षों से अधिक जहाँ अभी बसा है वहीं बसा है, उसको राज्य सरकार के अनुसार सत्यापित कर राज्य सरकार को जानकारी दिया जाय, कारो परियोजना से प्रभावित बैदकारों मौजा के प्रभावितो को परियोजना प्रभावित व्यक्ति कार्ड हेतु जितना प्रावधान बनाया गया है उसे कम करते हुए आर-आर पॉलिसी 2012-14 के अनुसार गाँव के रैयतों का एनजीओ के द्वारा सर्वे करवा कर परियोजना प्रभावित व्यक्ति कार्ड निर्गत कराया जाय, कारो परियोजना में उत्खनन हेतु जो भी कम्पनी ठेका कार्य कर रहा है, बैदकारो मौजा के कुशल, अकुशल श्रमिकों एवं योग्यता के आधार पर नियोजन दिया जाय, कारो परियोजना में कोयले का लोकल सेल सुचारू रूप से चलाते रहना चाहिए, कारो परियोजना में बैदकारो मौजा के विस्थापितों को आर-आर पॉलिसी 2012-14 के तहत जिविकोपार्जन का सदा के लिए व्यवस्था किया जाय, बैदकारो मौज़ा में खाता संख्या-83 का प्लॉट संख्या-55, 56………है।
जो हम रैयतों का है। जिसका रैयतों के बगैर आम सभा किये कैसे एनओसी प्रबंधन को प्राप्त हुआ है उसका उच्च स्तरीय जाँच कराया जाय। जाँचोंपरान्त पुनः आम सभा कराया जाय, बैदकारो मौजा के रैयत विस्थापितों का व्यक्तिगत ट्रक, जेसीबी, लाईट वेहिकल, पे-लोडर आदि मशिनों को परियोजना में चल रहे उत्खनन एवं कोयला उत्पादन में लगे ठेका कम्पनी को प्रमुखता के आधार पर भाड़ा में लगाया जाय, कारो सीम इंक्लाईन से बैदकारो पानी टंकी तक समुचित सड़क लाईट की व्यवस्था किया जाय। सोएसआर फंड से बैदकारो एवं चरकपनिया आदि गाँवों को प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराया जाय आदि शामिल है।
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