राजेश कुमार/बोकारो थर्मल (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके क्षेत्र के खासमहल परियोजना फेस टू में 17 फरवरी को विस्थापितों ने सभा का आयोजन किया। साथ हीं फेज टू में सीसीएल प्रबंधन एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बरवाबेड़ा गांव को पुनर्वासित करने को लेकर किए जा रहे जमीन मापी कार्य को बंद करवा दिया।
सभा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे गिरिडीह सासंद ने कहा कि रैयतों के सहमति के बगैर जोर जबरदस्ती से रैयतों की जमीन में बरावेड़ा गांव का शिफ्टिंग करना गलत है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन पहले विस्थापितों के लम्बित मांगों के प्रति गंभीरता से विचार कर समस्याओं का समाधान करे। जोर जबरदस्ती से अगर फेस टू में बरवाबेड़ा गांव का शिफ्टिंग किया जाएगा, तो विस्थापित विरोध करेंगे। इस दौरान हर नुकसान का जिम्मेवार सीसीएल प्रबंधन व प्रशासन होगा।
उन्होंने कहा कि इस मामला को वे सदन में भी उठाएंगे और विस्थापितों की समस्याओं का समाधान करवाएंगे। कहा कि यहां सीसीएल प्रबंधन बरवाबेड़ा गांव के ग्रामीणों को बोकारो थर्मल के समीप स्थित फेस टू कॉलोनी में पुनर्वासित करवा रहे है। जिसका विस्थापित विरोध कर रहे हैं। इस अवसर पर विरोध कर रहे विस्थापितों ने बताया कि सीसीएल प्रबंधन वर्ष 1978 में लगभग 168 एकड़ जमीन गोविंदपुर के रैयतों से अधिग्रहण किया था। जमीन के बदले 84 रहिवासियों को नौकरी देने पर सहमति बनी थी, परंतु सिर्फ 63 को ही नौकरी दिया गया है। शेष 21 प्रभावित विस्थापित रहिवासी अभी भी नौकरी मिलने का आस लगाए हुए है।

इस सम्बन्ध में बेरमो कि अंचलाधिकारी संजीत कुमार सिंह ने कहा कि यहां जमीन के बदले सभी रैयतों को नौकरी सीसीएल के द्वारा दी जा चुकी है। किसी भी रैयत का कुछ बाकी है तो साक्ष्य प्रस्तुत करे। अनावश्यक विरोध बर्दास्त नहीं किया जाएगा। मौके पर बोकारो थर्मल थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर शैलेन्द्र कुमार सिंह, एएसआई एके मेहता, जिप सदस्य शहजादी बानो, खुशबू कुमारी, यशोदा देवी, सांसद प्रतिनिधि दीपक महतो, जितेंद्र यादव, डिग्री कॉलेज के शिक्षक दशरथ महतो, महिला नेत्री रौशन आरा, जानकी महतो, अनवर आलम, सूरज महतो, मुन्ना साव, रामनरेश प्रजापति, विश्वनाथ यादव, बालेश्वर यादव, टेकलाल महतो, विश्वनाथ महतो, दशरथ महतो, अख्तर अंसारी, डब्बू अंसारी आदि उपस्थित थे।
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