अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला में पहली बार कोयला और खान मंत्रालय का प्रदर्शनी स्टॉल मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे के प्रयासों से मेले में इस प्रदर्शनी को पहली बार जगह मिली है। इस स्टॉल को आकर्षक ढंग से लगाया गया है। जहां सेल्फ़ी पॉइंट पर मेला दर्शक अपने एवं अपने परिजनों के साथ फोटो भी ले रहे हैं। यहां कोयला मंत्रालय की ओर से कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा लगाए गए इस स्टॉल का उद्घाटन बीते माह 19 नवंबर को कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे एवं बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने संयुक्त रुप से किया था।
इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें तकनीक का उपयोग करके वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से कोयला ख़ान में होने वाली गतिविधियों को दिखाया जा रहा है। साथ ही क्रिटिकल मिनेरल्स को भी वीआर के माध्यम से दिखाया गया है।
विभाग के तकनीकी सहायक जे.के चौरसिया, वरीय तकनीकी सहायक कुलदीप कुमार सिन्हा ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बीते 6 दिसंबर को एक भेंट में बताया कि मेला प्रदर्शनी में कोयला और खनन क्षेत्र की अन्य उपलब्धियों का प्रदर्शन, कोयला और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की उपलब्धियों और नवीनतम प्रौद्योगिकियों को जनता के समक्ष बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
कहा कि इसमें कोयला खनन, उसके पर्यावरणीय प्रबंधन, खनिजों के सतत उपयोग और इस क्षेत्र में किए गए विकासात्मक कार्यों की जानकारी दी गई है। इसके अतिरिक्त मेले में आने वाले दर्शकों को इस स्टॉल पर आकर कोयला और खान मंत्रालय की योजनाओं, विभिन्न खनिजों की उपयोगिता और इससे जुड़े रोजगार के अवसरों के बारे में भी जानकारी हासिल हो रही है।
उन्होंने बताया कि इस स्टॉल पर डिजिटल माध्यम से खनिज संसाधनों के उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला जा रहा है। इस पहल से देश के युवाओं को कोयला और खनन क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही, यह स्टॉल पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खनन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा।
ज्ञात हो कि, सोनपुर मेला हमारी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इस मेले में कोयला और खान मंत्रालय का स्टॉल लगाना क्षेत्र की क्षमता को आमजनों तक पहुंचाने का एक अनूठा अवसर है। यह न केवल मंत्रालय की उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा, बल्कि रहिवासियों को जागरूक भी करेगा कि कैसे हमारे खनिज संसाधन देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देते हैं। तकनीकी सहायक ने अपने स्टॉल पर कोल इण्डिया की सबसे बड़ी एवं बहुआयामी मशीन ड्रैग लाइन का मॉडल प्रस्तुत किया है। ये कोल इंडिया की सबसे बड़ी मशीन है।
![]()













Leave a Reply