अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के पर्यटन विभाग के मुख्य सांस्कृतिक मंच पर 6 दिसंबर की शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का शानदार दौर चला।
कार्यक्रम की शुरुआत बिहार की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना आद्या सिंह के कथक नृत्य शिव-वंदना पर आधारित भाव पूर्ण प्रस्तुति से हुई। उसके बाद कथक-नृत्य के विभिन्न भावों को प्रदर्शित कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। अपने कार्यक्रम के दौरान नृत्यांगना ने आमद, उठान, तोड़ा आदि की भी सधे हुए कदमों एवं घुंघरुओं की झंकार के साथ प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर नृत्यांगना आद्या सिंह ने बताया कि उन्होंने कथक नृत्य का प्रशिक्षण पटना के भारतीय नृत्य कला मंदिर में गुरु पार्थ मंडल से लिया है। पटना के डीपीएस से प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने के साथ भरतखंडे संगीत विश्वविद्यालय से कथक नृत्य में उपाधि प्राप्त की है।उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वे बिहार एवं अन्य प्रदेशों में अपने कथक नृत्य की प्रस्तुति दे चुकी हैं।
आकाशवाणी दूरदर्शन की गायिका मृदुला वर्मा की डम-डम डमरू बजावे ला हमार जोगिया की प्रस्तुति
पर्यटन विभाग के मुख्य मंच पर 6 दिसंबर को ही आकाशवाणी – दूरदर्शन की लोक गायिका मृदुला वर्मा ने दिवाकालीन सत्र में डम-डम डमरू बजावे ला हमार जोगिया की प्रस्तुति की। जिस पर पंडाल में बैठे दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। अगली प्रस्तुति कौने नगरिया से मोर बलमुआ कथिये लईले ना पर भी दर्शक झूम उठे। सोनपुर नगरिया सांकर गली हय हे ननदो आदि कई गीत गाकर उपस्थित दर्शकों का जबर्दस्त मनोरंजन किया।
पद्मश्री विंध्यवासिनी देवी की शिष्या मृदुल वर्मा के साथ संगत कर रहे कलाकारों में आर्गन पर सुरेश प्रसाद, नाल पर धीरज पांडेय, पैड पर आशीष पंडित, हारमोनियम पर विनोद पंडित आदि कलाकारों का सराहनीय योगदान रहा। संचालन उद्बघोषक रंगकर्मी विट्ठल नाथ सूर्य कर रहे थे।
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