जोड़ घटाव के आकड़ो में उलझें हैं प्रत्याशियों के समर्थक
नंद कुमार सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिले में बीते 20 नवंबर को संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद बेरमो विधानसभा के सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। मतगणना आगामी 23 नवंबर को होगा।
चुनाव बाद क्षेत्र में चर्चा है कि मुकाबला कड़ा देखने को मिला। चुनाव में कांग्रेस से कुमार जयमंगल उर्फ अनुप सिंह, भाजपा से रविंद्र कुमार पांडेय का भाग्य दाव पर है, जबकि झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) सुप्रीमो जयराम महतो की इंट्री ने लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है।
बेरमो में कुल 14 प्रत्याशी की किस्मत इवीएम मे बंद हो गई। वोटिंग खत्म होने के बाद भी कोई नहीं कह रहा है कि किसका पलड़ा भारी है। झारखंड की सभी सीटो में से बेरमो सीट पर सबसे कड़ी टक्कर है। कमल और हाथ ने कैंची के खेल का सामना किया। मतदाताओं की प्रतिक्रिया से पता चला है कि कैची की धार ही शेष दोनों प्रमुख प्रत्याशियों की किस्मत तय करेगी।
बताया जाता है कि बेरमो विधानसभा क्षेत्र में मुख्य लड़ाई कमल व् हाथ के बीच था, लेकिन कैंची ने तेजी से दोनों के वोट बैंक में सेंधमारी की है। लेकिन प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने पार्टी के हार- जीत का अपने हिसाब से गणित लगाने में उलझ गए हैं। समर्थकों के मुताबिक बेरमो में कुमार जयमंगल सिंह, रवींद्र कुमार पांडेय और जयराम महतो के बीच कांटे की टक्कर है। बेरमो से किसके माथे पर बिजयश्री का सेहरा बंधेगा, यह तो 23 नवंबर की मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा।
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