गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर स्थित व्यवहार न्यायालय परिसर में 14 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सैकड़ो मुकदमों का निपटारा किया गया।
जानकारी के अनुसार व्यवहार न्यायालय हाजीपुर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला जज ओम प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी वैशाली यशपाल मीणा, आरक्षी अधीक्षक हर किशोर राय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर जिला जज सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय का लाभ पहुंचाया जा सके। पीड़ितों को राहत दिलाई जा सके तथा समाज में अमन-चैन एवं भाईचारा का माहौल कायम हो। उन्होंने कहा कि लोक अदालत द्वारा किए गए फैसले अंतिम होते है, तथा इसका अपील नहीं होता है।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी मीणा ने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में प्रत्येक पंचायत में सरपंच की व्यवस्था की गई है, जहां ग्रामीण स्तर पर न्यायिक व्यवस्था बनाई गई है। सरपंच के माध्यम से भी जिला विधिक सेवा प्राधिकार समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक मुकदमें का निस्तारण कर सकती है।
उन्होंने रहिवासियों से कहा कि मुकदमों से मुक्ति पाने का एक अवसर है लोक अदालत। उन्होंने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि लोक अदालत का लाभ उठाते हुए अपने मुकदमों का निस्तारण कराएं।
इस अवसर पर आरक्षी अधीक्षक राय ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आप अपने मुकदमों का निस्तारण करा कर कोर्ट कचहरी के चक्कर से मुक्ति पा सकते हैं। साथ ही उन्होंने अपील की कि मुकदमे में समझौता के लिए आवश्यक है कि दोनों पक्ष अपने अंदर त्याग की भावना रखें, ताकि समझौता हो सके। इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव कमल, नवीन कुमार ठाकुर, जिला बार एसोसिएशन के सचिव मनोज कुमार सिंह ने भी अपनी बातों को रखा।
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