ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज प्रथम अनील कुमार की अदालत ने जान मारने की कोशिश करने वाले आरोपी को सात साल की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार बोकारो जिला के हद में पेटरवार थाना क्षेत्र के लुकेया रहिवासी शिवा मांझी को सिद्ध दोषी पाने के बाद 29 जुलाई को न्यायालय द्वारा सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गयी है।
मालूम हो कि रामगढ़ जिला के हद में रजरप्पा थाना क्षेत्र के सिद्धू कांदू नगर रजरप्पा प्रोजेक्ट रहिवासी शनिचर मांझी ने पेटरवार थाना प्रभारी के समक्ष बयान दर्ज कराया था कि बीते 8/9 अगस्त वर्ष 2014 को दोपहर लगभग 12.30 बजे उसके जीजा शिवा मांझी एवं उसका नौकर द्वारा उसके भांजा सत्येंद्र मांझी को जब वह लेटा हुआ था, तभी शिव मांझी द्वारा जान मारने की नीयत से धारदार टांगी से उसके गर्दन पर प्रहार किया गया।
इस क्रम में टांगी उसके गर्दन में दाहिनी ओर मारा और गंभीर रूप से जख्मी़ हालत में उसका भांजा घर से बाहर निकल कर जान बचाने की नीयत से घर से बाहर भागा तो दोनों पीछा करते हुए बाहर निकाल कर दो बार टांगी से प्रहार किया। मगर आसपास के ग्रामीण के इकट्ठा होने से दोनों भाग गया।
इसमें उसका भांजा की सौतेली मां अकली देवी का भी साजिश है। कहा गया कि ग्रामीण द्वारा उसके भांजा को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल पेटरवार मे कराया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर कर दिया गया। जहां उसका भांजा जीवन और मौत से संघर्ष कर रहा है।
पीड़ित के उक्त बयान के आधार पर पेटरवार थाना में मामला दर्ज किया गया। आरोप पत्र समर्पित होने के बाद मामला स्थानांतरित होकर जिला जज प्रथम अनील कुमार के न्यायालय में आया।
न्यायालय में उपलब्ध गवाह के बयान एवं दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बहस सुनने के बाद जिला जज प्रथम अनील कुमार की अदालत ने आरोपी शिवा मांझी को आरोप सिद्ध दोषी पाए जाने के बाद सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त शिवा मांझी को तेनुघाट जेल भेज दिया गया। उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अपर लोक अभियोजक विजय कुमार साहू ने बहस किया ।
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