एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। सत्ता के मद में बौड़ाई झारखंड की इंडिया गठबंधन सरकार लाठी चार्ज और आसुं गैस के माध्यम से दमन कर आंदोलनो को कुचलना चाहती है, जिसे झारखंडी समाज कदापि बर्दाश्त नही करेगा।
उपरोक्त बातें 20 जुलाई को संपूर्ण भारत क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं झारखंड, छत्तीसगढ़ प्रभारी विजय शंकर नायक ने पारा शिक्षकों के शांतिपूर्वक ढंग से किये जा रहे आंदोलन पर लाठीचार्ज एवं आंसू गैस के गोला छोड़े जाने पर प्रतिक्रिया में कही।
नायक ने कहा कि सरकार अब यह नहीं चाह रही हैं कि राज्य में कोई अब आंदोलन सरकार के खिलाफ हो। इसका ही परिणाम है कि बीते 19 जुलाई को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास के समीप शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सहायक पुलिस बल के आंदोलन पर बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज किए गए।
इसी क्रम में 20 जुलाई को पारा शिक्षको एवं शिक्षिकाओं पर भी लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इससे यह प्रतीत होता है कि सरकार दमनकारी नीति के तहत सभी आंदोलन को कुचलना चाहती है, जिसे झारखंडी समाज खासकर आदिवासी मूलवासी इस दमनकारी नीति को कदापि बर्दाश्त नहीं करेंगे।
नायक ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को बात रखने का अधिकार है। मगर इंडिया गठबंधन की सरकार लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास कर रही है। सभी आंदोलन को हिटलर की तरह लाठी, गोली, आंसू गैस के गोले छोड़कर आंदोलन को दमन करने का प्रयास किया जा रहा है, जो शुभ संकेत नहीं है।
नायक ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री को बड़ा दिल करते हुए आंदोलनकारी सहायक पुलिस बल के जवानों, पारा शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के जायज मांग को मान कर एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए।
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